निचले इलाके में घुसा बाढ़ का पानी

बाढ़ . नेपाल में भारी बारिश से उफनायी जिले की नदियां, सैकड़ों परिवार दहशत में भारी बारिश के कारण जिले की सभी नदियां उफना गयी हैं. नदी किनारे बसे दर्जनों पंचायत के लोग दहशत में हैं. उधर, प्रशासन ने भी बाढ़ को लोगों कोसचेत रहने को कहा है. किशनगंज : लगातार बारिश होने से महानंदा […]

बाढ़ . नेपाल में भारी बारिश से उफनायी जिले की नदियां, सैकड़ों परिवार दहशत में

भारी बारिश के कारण जिले की सभी नदियां उफना गयी हैं. नदी किनारे बसे दर्जनों पंचायत के लोग दहशत में हैं. उधर, प्रशासन ने भी बाढ़ को लोगों कोसचेत रहने को कहा है.
किशनगंज : लगातार बारिश होने से महानंदा नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी होने लगी है. जिले की कनकई, रतवा नदी उफान पर है. मौसम विभाग ने 12 अगस्त तक सूबे में मूसलधार बारिश होने की बात कही है. नेपाल के तराई क्षेत्र में भी लगातार कई दिनों से भारी बारिश होने की सूचना है. जिले की प्रमुख नदियां एक बार फिर उफान पर है. इन नदी किनारे बसे दर्जनों पंचायत के सैकड़ों परिवारों में बाढ़ का ख़ौफ़ सताने लगा है. जिले में किशनगंज प्रखंड के गाछपारा, बेलवा, महीनगांव, दौला, पिछला और चकला पंचायत बाढ़ की जद में है. इसके अलावा कोचाधामन, बहादुरगंज, दिघलबैंक,
टेढ़ागाछ प्रखंड के दर्जनों गांवों में भी बाढ़ का ख़तरा बढ़ने लगा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार बारिश होने से डोक व महानंदा नदी उफान पर है. नदियों का जल स्तर तेज गति से बढ़ रहा है. नदी किनारे बसे गांव के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने का मन बना लिया है.
बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले
जिले में लगातार दो दिनों से बारिश होने से किसानों को थोड़ी राहत मिली है, जबकि लगातार बारिश से निचले इलाके में लगे खेत डूबने लगे हैं.15 दिनों के बाद हुई बारिश से किसानों में खुशी है. किसान अपने धान की फसल की कमोनी में लगे हैं. बारिश होने से धान का पौधा का हरा-भरा हो गया है. किसान लगातार बारिश से खुश हैं. दो दिन पूर्व तेज धूप के कारण सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. किसान निजी पंप से धान के सूखे खेत में पटवन करते दिखे. जिले में धान के करीब 70 हेक्टेयर में धान की खेती हो रही है. बारिश होने से किसानों को थोड़ी राहत मिली है.
गर्मी से मिली राहत : लगातार बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है. उमसभरी गर्मी से लोग परेशान थे. अब लोगों को गर्मी से राहत महसूस हो रही है.
बारिश से किसानों के खिले चेहरे
कोचाधामन प्रतिनिधि के अनुसार, गुरुवार को रुक-रुक कर हो रही बारिश से जहां किसानों के चेहरों पर मुस्कान देखने को मिल रही है. वहीं टिप-टिप पड़ रहे पानी से ग्रामीण क्षेत्र में प्रखंड के कई जर्जर ग्रामीण सड़कों की तो सूरत ही बदल गयी है. कन्हैयाबाड़ी से माजगमा, कन्हैयाबाड़ी से बड़ीजान वाया सतभिट्टा प्रधानमंत्री सड़क की आलम यह है कि उक्त सड़क बने गड्ढे पर जलजमाव की समस्या से राहगीरों को काफी परेशानी हो रही. साथ ही घटनाओं को दावत दी रही है, जबकी उक्त दोनों ही सड़कें कई पंचायत के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण पूर्ण है.
मेची नदी उफनाई आमजन परेशान : गलगलिया प्रतिनिधि के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गलगलिया मेची नदी में पिछले दिनों से हो रही बारिश से नदी उफान पर है. सीमावर्ती नेपाल को जोड़ने वाली गलगलिया मुख्य बॉर्डर में एक मात्र पड़ने वाली नदी मेची जिसमें उफान आ जाने से दोनों तरफ के लोगों का जीवन थम सा गया है. सीमा पर बहने वाली मेची नदी में कल लगातार बारिश होने के कारण मेची नदी का जल स्तर काफी बढ़ गया है, जिससे लोगों को आवागमन करने में बहुत परेशानी हो रही है. मेची नदी को पार करने के लिए एक मात्र साधन नाव का है, जो नदी का जल स्तर बढ़ जाने के कारण इसके परिचालन में बहुत परेशानी हो रही है. आज सुबह देर तक नाव का परिचालन नहीं हो सका था.
सैकड़ों परिवार में दहशत: बिशनपुर प्रतिनिधि के अनुसार, लगातार हो रही बारिश से प्रखंड क्षेत्र की लगभग छोटी-बड़ी सभी नदियों में आई उफान से निचले इलाके में बाढ़ का पानी आने लगा है. खासकर असुरा-चैनपुर के बीच बाढ़ का पानी ऊपर से बहने से कैरीबिरपुर, हल्दिखोड़ा, सुन्दरबाड़ी, बलिया, पुरन्दाहा एवं कठामठा के निचले इलाके में पानी घुसने से लोग परेशान हैं. विगत कई वर्षों से असुरा-चैनपुर के बीच कनकई नदी तट पर निर्मित बांध के टूट जाने से उक्त पंचायतों के किसानों को बृहत रूप से क्षति हुई है़

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