कोसी नदी में छलांग लगाने के चार दिन बाद जिंदा घर लौटा युवक, पत्नी-बच्चों की आंखों से छलके खुशी के आंसू

खगड़िया के बेलदौर थाना क्षेत्र से लापता हुआ 32 वर्षीय युवक चार दिन बाद अपने घर लौट आया है. युवक के अचानक जिंदा लौटने की खबर मिलते ही पत्नी, बच्चों और माता-पिता के चेहरे पर खुशी लौट आयी. परिजनों के मुताबिक उसने कर्ज की रकम वापस करने को लेकर चल रहे मानसिक दबाव के कारण कोसी नदी में छलांग लगाने का प्रयास किया था, लेकिन बच्चों का ख्याल आने पर उसने अपना फैसला बदल दिया था.

खगड़िया के बेलदौर थाना क्षेत्र स्थित बीपी मंडल सेतु से एक सितंबर की रात कोसी नदी में छलांग लगाने के बाद लापता हुआ 32 वर्षीय युवक चार दिन बाद सकुशल घर लौट आया. युवक के अचानक जिंदा लौटने की खबर मिलते ही पत्नी, बच्चों और माता-पिता के चेहरे पर खुशी लौट आयी. परिजनों के मुताबिक छह सितंबर की देर शाम युवक ने पटना से अपनी पत्नी को फोन कर बताया कि वह जीवित है. इसके बाद वह समस्तीपुर से अपने घर पहुंचा.

युवक की पहचान महेशखूंट थाना क्षेत्र के राजधान गांव निवासी गोपाल सिंह के पुत्र प्रीतम कुमार के रूप में हुई है. घटना के बाद दो से चार सितंबर तक एसडीआरएफ की टीम और परिजन कोसी नदी में उसकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.

नदी में तलाश करती रही एसडीआरएफ, नहीं मिला कोई सुराग

प्रीतम के लापता होने के बाद परिजनों ने आशंका जतायी थी कि उसने कोसी नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है. इस संबंध में बेलदौर थाना में आवेदन भी दिया गया था, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था. दो से चार सितंबर तक एसडीआरएफ की टीम के साथ परिजन नदी में उसकी तलाश करते रहे, लेकिन उसका पता नहीं चल सका.

इधर, प्रीतम के अचानक गायब होने के बाद उसकी पत्नी विनीता कुमारी, दो छोटे बेटे-बेटी और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था. परिवार को हर पल किसी अनहोनी की आशंका सता रही थी.

बच्चों का ख्याल आया तो बदल गया फैसला

घर लौटने के बाद प्रीतम ने बताया कि गांव के कुछ युवक कर्ज की रकम वापस करने को लेकर उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे. उसके अनुसार, उसे धमकी भी दी जाती थी कि किसी दिन उसकी हत्या कर दी जायेगी. इससे वह काफी तनाव में था.

प्रीतम ने बताया कि इसी मानसिक परेशानी में वह बीपी मंडल सेतु से कोसी नदी में छलांग लगाने वाला था. लेकिन उसी समय उसे अपने छोटे बेटे और बेटी का ख्याल आया और उसने अपना फैसला बदल दिया. इसी दौरान पटना जाने वाली एक गाड़ी मिली, जिस पर सवार होकर वह पटना चला गया.

दो रात रेलवे स्टेशन पर बितायी, फिर पत्नी को किया फोन

प्रीतम के मुताबिक पटना में उसने दो रातें रेलवे स्टेशन पर बितायीं. इसके बाद वह समस्तीपुर पहुंचा. छह सितंबर की देर शाम उसने पत्नी को फोन कर अपने जिंदा होने की जानकारी दी और पूरी घटना बतायी. इसके बाद वह घर लौट आया.

घर पहुंचने के बाद परिजन उसे बेलदौर थाना लेकर पहुंचे, जहां उसका बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गयी. पुलिस अब मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है. साथ ही युवक द्वारा लगाए गये मानसिक प्रताड़ना और धमकी के आरोपों की भी जांच की जा रही है.

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लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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