मौसम ने ली करवट, मरीज सर्दी, जुकाम व बुखार से हो रहे परेशान

पिछले माह से 20 फीसदी मरीजों में बढ़ोतरी हुई है

By Prabhat Khabar News Desk | March 4, 2025 9:37 PM

सदर अस्पताल व निजी क्लिनिक में मरीजों की संख्या में हुई बढ़ोतरीखगड़िया. मार्च माह के प्रथम सप्ताह में मौसम ने करवट ले ली. दिन में धूप तथा सुबह व शाम ठंड ने लोगों को बीमार कर रहे हैं. मौसम के बदलाव के कारण सर्दी,खांसी व बुखार के मरीज में इजाफा हुआ है. सदर अस्पताल व निजी अस्पताल, क्लिनिक में मरीजों की संख्या बढ़ गई है. सुबह ही रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर चिकित्सक कमरे के बाहर मरीजों की लाइन लगनी शुरू गयी. पिछले माह से 20 फीसदी मरीजों में बढ़ोतरी हुई है. दिन में तेज धूप और शाम सुबह के अलावा रात में ठंड के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं. मौसम के बदलाव के कारण सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी तेजी के साथ बढ़ गई है. जुकाम और खांसी के अधिकांश लोग चपेट में हैं. रजिस्ट्रेशन काउंटर, बीपी जांच काउंटर,स्क्रीनिंग जांच काउंटर, ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार देखी गयी. दवा काउंटर पर भी खासकर सर्दी खांसी व बुखार के मरीज अधिक थी.

महिलाओं व बुजुर्गों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने में होती है परेशानी

सदर अस्पताल इलाज कराने पहुंच मरीज व अभिभावक को रजिस्ट्रेशन कराने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इलाज कराने से पहले मरीज को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है. इसके बाद ही इलाज संभव है. मरीज को एन्ड्रावाइड मोबाइल होना आवश्यक है. जो अधिकांश मरीज के पास मोबाइल नहीं रहता है. सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन पर्ची काटने की प्रक्रिया शुरू की गई है. स्मार्टफोन का उपयोग नहीं करने वाले मरीज इलाज के लिए निबंधन कराने में परेशानी का सामना कर रहे हैं. खासकर, महिलाएं और बुजुर्ग स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं. ऐसे में निबंधन के लिए उन्हें दूसरों की मदद लेनी पड़ती है. माड़र निवासी सुनैना देवी ने बताया कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे लेकिन, निबंधन प्रक्रिया समझने में कठिनाई हुई. अंततः एक अजनबी ने उनके मोबाइल से निबंधन करवाया, जिसके बाद उनकी पर्ची कट सकी. उसके बाद इलाज संभव हो सका.

बच्चों को मोबाइल स्क्रीन से दूर रहने की है जरूरत

नेत्र चिकित्सक डॉ अनुराग कुमार ने बताया कि आजकल बच्चों द्वारा मोबाइल का उपयोग अधिक किया जाता है. हमेशा मोबाइल स्क्रीन पर आंखें लगे रहने से आंखों के खराब होने की समस्या होती है. इसलिए लोगों को जितना हो सके इसके इस्तेमाल को सीमित करने की आवश्यकता है. सदर अस्पताल में प्रतिदिन दर्जनों आंख के मरीज आते हैं. जिसमें अधिकांश आंख से पानी गिरना, आंख में खुजलाहट आदि बीमारी का शिकायत है. सदर अस्पताल के अलावे आंख के मरीज निजी अस्पताल व क्लिनिक में इलाज करा रहे हैं.

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