करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं सुधरी जलनिकासी व्यवस्था, गोगरी में इस बरसात भी जलजमाव का खतरा

Waterlogging: हर साल नाला निर्माण और सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गोगरी शहर में जलजमाव की समस्या जस की तस बनी हुई है. इस बार भी अधूरे नाला निर्माण, अतिक्रमण और खानापूर्ति वाली सफाई के कारण शहरवासियों को बारिश में भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है.

खगड़िया गोगरी से रणवीर झा की रिपोर्ट

Waterlogging: बारिश का मौसम शुरू होने से पहले गोगरी नगर परिषद ने शहर में नाला निर्माण और नाला उड़ाही का अभियान तेज कर दिया है. हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अभियान सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गया है. कई प्रमुख नाले आज भी पूरी तरह जाम हैं, जबकि नाला निर्माण की रफ्तार बेहद धीमी है. ऐसे में इस बार भी गोगरी शहर में जलजमाव की आशंका गहरा गई है.

नाला उड़ाही के बाद भी जाम पड़े प्रमुख नाले

स्थानीय लोगों के अनुसार मारवाड़ी मोहल्ला, गोगरी बाजार, बायपास चौक समेत कई इलाकों के दोनों ओर बने नालों की सफाई के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते. नालों की उड़ाही के बावजूद उनमें गाद और कचरा जमा है. लोगों का कहना है कि केवल मुख्य सड़क के किनारे कुछ हिस्सों की सफाई कर औपचारिकता पूरी कर दी गई, जबकि जिन इलाकों में हर वर्ष सबसे अधिक जलजमाव होता है, वहां स्थिति जस की तस बनी हुई है.

अधूरा नाला निर्माण बढ़ा रहा चिंता

शहर के टावर चौक से बायपास-माली टोला मुहाने तक बनाए जा रहे नाले का निर्माण पिछले दो महीने से जारी है, लेकिन अभी तक करीब सौ मीटर कार्य भी पूरा नहीं हो सका है. लोगों का कहना है कि यदि मानसून के दौरान निर्माण कार्य अधूरा रहा तो जलनिकासी और अधिक प्रभावित होगी तथा शहर के कई हिस्सों में पानी भरने की समस्या गंभीर हो जाएगी.

अतिक्रमण भी बना बड़ी बाधा

नगर परिषद क्षेत्र के अधिकांश नालों और नालियों पर अतिक्रमण होने से सफाई अभियान का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है. कई जगह लोगों ने नालियों को ढंककर कब्जा कर लिया है, जिससे पानी की निकासी बाधित हो रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना दीर्घकालिक योजना के नालों का निर्माण किया गया, जिसके कारण करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जलजमाव की समस्या खत्म नहीं हो सकी.

कई वार्डों में हर साल होती है जलभराव की समस्या

Waterlogging: गोगरी-जमालपुर समेत नगर परिषद के अधिकांश वार्डों में बारिश के दौरान जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. कई मोहल्लों में घरों तक पानी पहुंच जाता है और लोगों का आवागमन प्रभावित हो जाता है. स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि समय रहते नालों की प्रभावी सफाई, अतिक्रमण हटाने और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं.

नगर परिषद ने कहा, लगातार चल रही है सफाई

नगर परिषद गोगरी की कार्यपालक पदाधिकारी सोनी कुमारी ने बताया कि शहर में दिन-रात नालों की सफाई कराई जा रही है. कुछ स्थानों पर अतिक्रमण और अन्य कारणों से सफाई कार्य में बाधा आ रही है, जिसे दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि नगर परिषद का प्रयास है कि इस बार बारिश के दौरान शहरवासियों को जलजमाव की समस्या का सामना न करना पड़े.

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By Pintu Pranav

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