खगड़िया जिले के गोगरी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोगरी पंचायत के वार्ड नंबर 4 स्थित ब्राह्मण टोला मोहल्ले में बेखौफ चोरों ने शुक्रवार की देर रात एक सेवानिवृत्त दरोगा के बंद घर में सेंधमारी कर चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल है. स्थानीय ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है, क्योंकि इसी एक मोहल्ले में पिछले छह महीने के भीतर यह पांचवीं चोरी की घटना है. चोरों ने लगातार नकदी समेत लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात पर हाथ साफ किया है, लेकिन पुलिस अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं कर सकी है.
रिटायर्ड वायरलेस दरोगा के सूने घर का तोड़ा ताला
पीड़ित परिवार वर्तमान में सहरसा जिले में निवास कर रहा है:
- ताला बंद था घर: ब्राह्मण टोला निवासी सेवानिवृत्त वायरलेस दरोगा विवेकानंद पाण्डेय अपने परिवार के साथ सहरसा में रहते हैं, जिसके कारण गोगरी स्थित उनके पैतृक मकान में ताला लगा हुआ था.
- सुबह टूटा मिला दरवाजा: शनिवार की सुबह जब पड़ोसियों ने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा टूटा हुआ है और अंदर का सामान बिखरा पड़ा है, तो हड़कंप मच गया.
- लाखों के नुकसान की आशंका: स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना गृहस्वामी विवेकानंद पाण्डेय और गोगरी थाना पुलिस को दी. गृहस्वामी के सहरसा से गोगरी पहुंचने के बाद ही चोरी गए कुल जेवरात और नकदी के सही आकलन का पता चल सकेगा.
ब्राह्मण टोला: 6 महीने में 5 घरों को बनाया निशाना
मोहल्ले में लगातार हो रही सेंधमारी से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. पिछले छह माह के भीतर इन घरों में चोरी की वारदातें हो चुकी हैं:
- दीपक कुमार उपाध्याय का घर
- विक्रम कुमार उपाध्याय का घर
- किशोर मिश्र का घर
- विवेकानंद पाण्डेय का घर (दो बार चोरी का शिकार)
ग्रामीणों का पुलिस पर फूटा गुस्सा: 'फोन तक नहीं उठाती गोगरी पुलिस'
घटना के बाद मौके पर जुटे मोहल्लेवासियों ने गोगरी थाना पुलिस की निष्क्रियता पर जमकर आक्रोश व्यक्त किया:
- लापरवाही का आरोप: स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी किसी आपराधिक घटना की जानकारी देने के लिए गोगरी पुलिस को फोन मिलाया जाता है, तो या तो फोन रिसीव नहीं किया जाता या फिर पुलिस बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाती है.
- नाकाम साबित हो रही गश्ती: एक ही मोहल्ले में छह महीने में पांच बार चोरी हो जाना यह साबित करता है कि क्षेत्र में रात्रि गश्ती (Night Patrolling) पूरी तरह ठप है.
- दहशत में ग्रामीण: लगातार हो रही वारदातों के बावजूद न तो किसी चोर गिरोह का सुराग लग सका है और न ही चोरी की घटनाओं पर कोई प्रभावी अंकुश लगाया जा सका है, जिससे लोग रात में अपने घरों को छोड़ने से भी डर रहे हैं.
