वोट बहिष्कार के निर्णय पर डटे ग्रामीणों से एसडीओ की वार्ता रही विफल, नदी पर पुल निर्माण की मांग पर डटे हैं लोग

आक्रोशित ग्रामीण आगामी विधानसभा चुनाव में वोट वहिष्कार करने की चेतावनी

बेलदौर. प्रखंड क्षेत्र के टापू में तब्दील कैंजरी पश्चिम पार के ग्रामीण काली कोसी नदी में पुल के निर्माण एवं पश्चिमी पार कैंजरी को बारहमासी सड़क सुविधा उपलब्ध करवाने को लेकर अब लगातार आवाज बुलंद कर रहे हैं. वहीं मांगों के समर्थन में आक्रोशित ग्रामीण आगामी विधानसभा चुनाव में वोट वहिष्कार करने की चेतावनी देते जोरदार तरीके से आवाज बुलंद किया. स्थिति को गंभीरता से लेते बुधवार को गोगरी एसडीओ प्रद्युमन सिंह यादव, एसडीपीओ रमेश कुमार अंचल प्रशासन के साथ कैजरी पश्चिम पार गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ वार्ता किया. इस दौरान जिप अध्यक्ष से एसडीओ ने समस्याओं को रखते हुए इसे दूर करने के लिए आग्रह किया लेकिन ग्रामीणों ने एक स्वर से इसका विरोध करते हुए पथ का निर्माण मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क पथ या फिर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से पथ निर्माण शुरू करवाए जाने की मांग पर अड़ गए और वोट बहिष्कार की निर्णय को बरकरार रखने की चेतावनी दे डाली. इसके कारण एसडीओ एवं ग्रामीणों के बीच वार्ता विफल हो गई. इसको लेकर शुक्रवार को फिर से गांव के ठाकुरबाड़ी में ग्रामीणों की बैठक आयोजित किया गया जिसमें एक शिष्टमंडल डीएम से मुलाकात कर मांगों से संबंधित ज्ञापन सोपने का निर्णय लिया. वहीं ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को रखते हुए कैजरी घाट के काली कोसी नदी पर उच्च स्तरीय पुल, बनमा ईटहरी प्रखंड क्षेत्र के परसाहा राम पोखर महादलित टोला से कैंजरी पश्चिम पार में लगभग आधा किलोमीटर लंबी सड़क, कैजरी पश्चिम पार से बोहरवा मोड़ तक लगभग तीन किलोमीटर लंबी पथ का निर्माण कार्य शुरू होने तक वोट बहिष्कार का निर्णय जारी रखने की चेतावनी दी है. इस दौरान सीओ अमित कुमार, थानाध्यक्ष परशुराम सिंह, मुखिया प्रतिनिधि विनय सिंह, ग्रामीणों में पूर्व पंसस इंदल यादव, राजेश कुमार, लक्ष्मण यादव, रामविलास राम समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे. वहीं बेलदौर विधायक पन्नालाल सिंह पटेल ने बताया कि सीमावर्ती बोहरवा मोड़ से कैंजरी पश्चिम पार सुशील यादव बासा तक लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क पथ योजना से बननी है. करीब एक करोड़ 20 लाख की लागत से बनने वाली उक्त पथ का सर्वे बाद स्वीकृति भी हो चुका है, जबकि टेंडर प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है, इन्होंने बताया कि ग्लोबल टेंडर होने के कारण विलंब हो रही है. वहीं अपनी मांगों पर डटे उक्त गांव के लोग आश्वासन व भरोसा को दरकिनार कर चुनाव पूर्व ठोस पहल अन्यथा वोट वहिष्कार का आवाज बुलंद कर प्रशासन समेत जनप्रतिनिधियों की चिंता बढ़ा दी है.

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By RAJKISHORE SINGH

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