खगड़िया : नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ उसके परिवार और पूरे समाज को भी प्रभावित करता है. स्वस्थ, संस्कारवान और नशा मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से मध्य विद्यालय अलौली में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
कार्यशाला में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र की प्रतिनिधि बीके प्रियंका कुमारी, अनिता कुमारी और रंजीत भाई ने बच्चों व शिक्षकों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि नशे की आदत व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक क्षमता को कमजोर करने के साथ परिवार की खुशहाली और सामाजिक व्यवस्था को भी प्रभावित करती है. युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखकर ही स्वस्थ, सशक्त और संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है.
बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक करने पर जोर
वक्ताओं ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. बच्चों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की अपील की गयी.
शिक्षक और बच्चों ने ली नशा मुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशुतोष कुमार सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने नशा मुक्ति की शपथ ली. इसके बाद छात्र-छात्राओं को भी संकल्प दिलाया गया कि वे जीवन में किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे और परिवार व समाज के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे.
