Success Story : परबत्ता प्रखंड की कुल्हड़िया पंचायत अंतर्गत सलारपुर चौक निवासी व्यवसायी मिथिलेश कुमार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ उठाकर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रेरणादायक पहल की है. उन्होंने अपनी दुकान की छत पर करीब 10 लाख रुपये की लागत से सोलर पैनल लगवाकर आटा चक्की और तेल पेराई के कारोबार को पूरी तरह सौर ऊर्जा से जोड़ दिया है. उनके इस प्रयास की इलाके में खूब चर्चा हो रही है और लोग इसे आत्मनिर्भरता की मिसाल मान रहे हैं.
48 सोलर पैनलों से बन रही 30 किलोवाट बिजली
मिथिलेश कुमार ने अपनी दुकान की छत पर कुल 48 सोलर पैनल स्थापित कराए हैं, जिनसे लगभग 30 किलोवाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. इस सोलर प्लांट की मदद से उनकी आटा चक्की और तेल पेराई मशीनें बिना किसी परेशानी के संचालित हो रही हैं. उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत लगभग 3.50 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने की उम्मीद है.
बिजली खर्च घटा तो ग्राहकों को भी मिला लाभ
सौर ऊर्जा के उपयोग से बिजली का खर्च काफी कम हो गया है. इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को भी मिल रहा है. मिथिलेश कुमार अब महज 1 रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं की पिसाई कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि कम परिचालन लागत के कारण ग्राहकों को सस्ती सेवा देना संभव हो पाया है. यही कारण है कि उनकी पहल आसपास के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है.
30 साल की गारंटी, देखने पहुंच रहे लोग
सोलर पैनलों की स्थापना कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा वैज्ञानिक तरीके से की गई है. कंपनी ने इन पैनलों पर 30 वर्ष की गारंटी भी दी है. सलारपुर चौक पर राशन दुकान, आटा चक्की और तेल पेराई का संचालन करने वाले मिथिलेश कुमार की इस पहल को देखने के लिए आसपास के गांवों से लोग पहुंच रहे हैं. वे सौर ऊर्जा से मिलने वाले लाभ की जानकारी भी ले रहे हैं.
सौर ऊर्जा अपनाने की अपील
मिथिलेश कुमार का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना घरेलू उपयोग के साथ-साथ छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए भी बेहद लाभकारी साबित हो सकती है. सौर ऊर्जा अपनाने से बिजली पर निर्भरता कम होती है, परिचालन लागत घटती है और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलता है. उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस योजना का लाभ उठाने और अपने घर या व्यवसाय को सौर ऊर्जा से जोड़ने की अपील की.
