गुजरात में मजदूरी कर रहा था भाई, घर नहीं लौट सका तो बहनों ने Video Call पर बांधी राखी; भावुक हुआ परिवार

रक्षाबंधन पर भाई की कलाई सूनी न रह जाए, यह सोचकर गुजरात में मजदूरी कर रहे गोलू की बहनों ने वीडियो कॉल पर राखी बांधी। तकनीक के सहारे निभाई गई यह रस्म भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक बनी।

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मानसी प्रखंड के सैदपुर पंचायत के वार्ड संख्या छह चौसठ टोला में भाई-बहन के प्रेम का अनोखा दृश्य देखने को मिला. गांव निवासी गोलू कुमार रोजगार के सिलसिले में गुजरात में मजदूरी कर रहे हैं. काम के कारण वह रक्षाबंधन पर घर नहीं लौट सके. ऐसे में उनकी बहनों छाया और गुंजन ने वीडियो कॉल के माध्यम से भाई से जुड़कर राखी बांधने की रस्म पूरी की और उसकी लंबी उम्र एवं सुख-समृद्धि की कामना की.

घर से दूर था भाई, लेकिन राखी की रस्म नहीं छूटी

रक्षाबंधन के दिन बहनों के लिए भाई की कलाई पर राखी बांधना सबसे खास पल होता है. गोलू कुमार के घर नहीं पहुंच पाने से बहनों को मायूसी जरूर थी, लेकिन उन्होंने तकनीक का सहारा लेकर इस कमी को पूरा करने की कोशिश की.

वीडियो कॉल शुरू होते ही बहनों ने भाई को सामने रखकर तिलक लगाया और राखी बांधने की रस्म पूरी की. इसके बाद मिठाई खिलाने की परंपरा भी वीडियो कॉल के जरिए निभायी गयी. गुजरात में बैठे गोलू कुमार ने भी अपनी बहनों को पर्व की शुभकामनाएं दीं.

हजारों किलोमीटर की दूरी पर भी कायम रहा भाई-बहन का प्यार

रोजगार के लिए घर से दूर रहने वाले गोलू कुमार के लिए यह रक्षाबंधन कुछ अलग रहा. परिवार से दूर होने के बावजूद तकनीक ने उन्हें बहनों से जोड़ दिया.

वीडियो कॉल पर राखी बांधने के दौरान परिवार में भावुक माहौल रहा. बहनों ने कहा कि भाई भले ही उनसे दूर है, लेकिन उनके प्यार, स्नेह और आशीर्वाद में कोई दूरी नहीं है.

बहनों ने भाई की लंबी उम्र की कामना की

छाया और गुंजन ने राखी बांधकर भाई के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन की मंगलकामना की. उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के बीच प्रेम और विश्वास का प्रतीक है. परिस्थितियां चाहे जैसी हों, इस रिश्ते की डोर कभी कमजोर नहीं होती.

वहीं गोलू कुमार ने भी अपनी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रति अपना स्नेह जताया.

मोबाइल स्क्रीन बनी राखी के रिश्ते की कड़ी

रक्षाबंधन के इस भावुक पल ने दिखा दिया कि अपनों से दूर रहने के बावजूद तकनीक रिश्तों की गर्माहट को बनाए रखने में मददगार बन सकती है. एक ओर गुजरात में काम कर रहा भाई था तो दूसरी ओर मानसी के गांव में उसकी बहनें, लेकिन वीडियो कॉल ने दोनों को एक-दूसरे के सामने ला दिया.

राखी भले ही भाई की कलाई पर आमने-सामने नहीं बंधी, लेकिन भाई-बहन के प्रेम और अपनत्व की डोर पहले की तरह मजबूत रही. यह रक्षाबंधन परिवार के लिए लंबे समय तक यादगार रहने वाला बन गया.


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लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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