खुले आसमान के नीचे धूप और बरामदे में पढ़ने को विवश हैं स्कूली बच्चे

स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई है.

दो बार लौटी राशि, फिर भी अधूरा सपना, स्कूल भवन निर्माण अटका परबत्ता. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत माधवपुर पंचायत के मध्य विद्यालय मुरादपुर में भवन निर्माण का कार्य जमीन विवाद के कारण पूरी तरह ठप पड़ गया है. इसका सीधा असर विद्यालय में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों पर पड़ रहा है. जिनकी स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है. विद्यालय में नामांकित करीब 700 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के लिये महज दो कमरों और एक नाट्य कलामंच के बरामदे पर और खुले आसमान के नीचे किसी तरह संचालित की जा रही है. जगह की कमी के कारण इन बच्चों को बेहद असुविधाजनक माहौल में बैठकर पढ़ना पड़ता है, जिससे न केवल उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी हुई है. शिक्षा विभाग द्वारा एक ओर नामांकन बढ़ाने को लेकर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है तथा विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार की बात की जा रही है. वहीं इस विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव साफ नजर आता है. स्थिति यह है कि इस वर्ष बच्चों को शैक्षणिक परिभ्रमण (एजुकेशनल टूर) तक पर नहीं ले जाया गया. जिससे उनके सर्वांगीण विकास पर भी असर पड़ा है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया. लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. इधर ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जमीन विवाद का समाधान कर भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे. अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब तक इस गंभीर समस्या की अनदेखी करता है और कब बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल पाता है. क्या है कोर्ट का मामला इस मामले में गांव के जवाहर झा के द्वारा वर्ष 2024 में पटना उच्च न्यायालय में सी डब्ल्यू जे सी 14499/24 दर्ज कराया गया. इस वाद में आवेदक ने प्रशासनिक पदाधिकारियों के अलावा धीरेंद्र झा तथा संतोष झा को पक्षकार बनाया था. इस वाद में पटना उच्च न्यायालय ने 24 सितंबर 24 को इस आदेश के साथ खारिज कर दिया था कि आवेदक को सक्षम प्राधिकार अर्थात अंचल अधिकारी के समक्ष अपना दावा प्रस्तुत करें. अंचल अधिकारी परबत्ता ने इस संबंध में अंचल अमीन के द्वारा जमीन की मापी कराया. अंचल अमीन ने सीओ को उपलब्ध कराये गये मापी प्रतिवेदन में विद्यालय की भूमि अतिक्रमित होने से इंकार किया है. इस बीच आवेदक ने उच्च न्यायालय में अवमानना वाद एम जे सी 905/25 दायर कर दिया, जिसकी एक भी सुनवाई नहीं हो सकी है. लेकिन इस वाद का नाम लेकर प्रशासन ने मौखिक आदेश के आधार पर विद्यालय के भवन निर्माण को रोक दिया है. इस वजह से इस चिलचिलाती धूप में स्कूल के बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढाई करनी पड़ रही है. जवाहर झा का कहना है कि जिला से टीम गठन कर विवादित जमीन का सही मूल्यांकन किया जाए. और जहां पर विद्यालय स्थापित है उससे संबंधित दस्तावेज की खोजबीन सुनिश्चित किया जाए. मुझे विद्यालय भवन के निर्माण में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन ठोस निर्णय होना ही जरूरी है. ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का विवाद ना हो. विद्यालय जमीन से संबंधित कोई भी दस्तावेज़ अगर सरकार के पास उपलब्ध न हो तो दाता उस जमीन को विधिवत सरकार को हस्तानांतरण एवं जुड़े हुए सभी दस्तावेज़ उपलब्ध कराकर सुनिश्चित करेगी. जिससे फिर कभी आने वाले भविष्य में उसपर प्रश्न चिन्ह न लगे. कहते हैं प्रधानाध्यापक मध्य विद्यालय मुरादपुर के प्रधानाध्यापक सतीश चन्द्र झा ने कहा कि विभाग द्वारा भवन निर्माण के लिए दो बार राशि लौट चुकी है. तीसरा बार भवन निर्माण कार्य शुरू हुआ जहां विवाद के कारण कार्य बंद है. कमरे के अभाव में पढ़ाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है. बच्चें बरामदे पर एवं खुले आसमान के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं.

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By RAJKISHORE SINGH

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