परबत्ता के सैंडबैग अब राघोपुर भेजे जा रहे, गंगा कटाव से निपटने में मिलेगी मदद

खगड़िया के परबत्ता से राघोपुर तटबंधों की सुरक्षा के लिए सैंडबैग भेजे जा रहे हैं. गंगा नदी में बढ़ते कटाव से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है. परबत्ता के तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं, इसलिए अतिरिक्त बोरियों को जरूरतमंद क्षेत्र में भेजा जा रहा है.

खगड़िया, परबत्ता. प्रखंड क्षेत्र में तटबंधों की सुरक्षा के लिए पहले से रखे गए सैंडबैग (बोरीबंद मिट्टी) अब भागलपुर जिले के राघोपुर भेजे जा रहे हैं. गंगा नदी में बाढ़ के कारण राघोपुर क्षेत्र में कई जगहों पर कटाव की स्थिति बनी हुई है. कुछ तटबंधों पर भी पानी का दबाव बताया जा रहा है. ऐसे में वहां बचाव कार्य के लिए सैंडबैग की आवश्यकता को देखते हुए परबत्ता में उपलब्ध बोरियों को फिलहाल हस्तांतरित किया जा रहा है.

बाढ़ और कटाव की आशंका को देखते हुए किया गया था भंडारण

परबत्ता प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ और कटाव की संभावित स्थिति को देखते हुए पहले से ही विभिन्न स्थानों पर सैंडबैग का भंडारण किया गया था. इनका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर तटबंधों को सुरक्षित रखने और कटावरोधी कार्यों में किया जाना था. वर्तमान में परबत्ता क्षेत्र के तटबंध सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जिसके बाद अतिरिक्त रूप से उपलब्ध सैंडबैग को दूसरे जरूरतमंद क्षेत्र में भेजने का निर्णय लिया गया है.

राघोपुर में कटाव से बचाव के लिए भेजी जा रही बोरियां

राघोपुर में गंगा के कटाव की स्थिति को देखते हुए वहां बचाव कार्य के लिए सैंडबैग की जरूरत है. इसी को ध्यान में रखते हुए परबत्ता में उपलब्ध अतिरिक्त सैंडबैग को राघोपुर भेजा जा रहा है. इन बोरियों का इस्तेमाल कटाव प्रभावित स्थानों पर तटबंधों की सुरक्षा और बचाव कार्यों में किया जा सकेगा.

परबत्ता के सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित

कटाव प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि परबत्ता के सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं. स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. अधिकारियों की ओर से संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जा सके.

मानवीय सहायता के तौर पर किया जा रहा हस्तांतरण

अधिकारी ने बताया कि राघोपुर में कटाव की स्थिति को देखते हुए मानवीय सहायता के तौर पर परबत्ता में उपलब्ध सैंडबैग भेजे जा रहे हैं. इसका उद्देश्य जरूरत वाले क्षेत्र में तत्काल संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वहां बचाव एवं कटावरोधी कार्यों में तेजी लायी जा सके. परबत्ता में स्थिति सामान्य रहने पर अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग दूसरे प्रभावित क्षेत्र की मदद के लिए किया जा रहा है.

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लेखक के बारे में

By पलटू झा

पलटू झा प्रिंट माध्यम में 11 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. परबत्ता (खगड़िया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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