महाशिवरात्रि 26 को, शिवालयों का हो रहा रंग रोहन

शिव पुराण के मुताबिक ब्रह्मा और विष्णु का विवाद शांत करवाने के लिए भगवान भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे

By Prabhat Khabar News Desk | February 22, 2025 10:23 PM

शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की आराधना करने से प्राप्त होगा मनोवांछित फल

गोगरी. आगामी 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पूजा होगी. जिसको लेकर शिवालयों का रंग रोहन जारी है. इस बार ग्रहों के दुर्लभ योग बन रहे हैं. शिव पुराण के मुताबिक ब्रह्मा और विष्णु का विवाद शांत करवाने के लिए भगवान भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे. जिस दिन यह घटना हुई थी. उस दिन फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि थी. इसी वजह से महाशिवरात्रि मनाई जाती है. इस पर्व पर शिव मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है. ऐसा मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ पृथ्वी पर मौजूद सभी शिवलिंग में विराजमान होते हैं. इसलिए महाशिवरात्रि के दिन की गयी शिव की उपासना से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है. आचार्य अंजनी कुमार ठाकुर ने बताया कि महाशिवरात्रि पर यदि भक्त बेलपत्र भगवान शिव की विशेष पूजा करें. उनके धन संबंधी दिक्कतें दूर हो जायेगी. आचार्य के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 26 फरवरी को सुबह 11:08 बजे से होगी. इसका समापन 27 फरवरी को सुबह 8:54 बजे होगा. इसलिए महाशिवरात्रि का व्रत 26 फरवरी को किया जायेगा.

चार प्रहर की पूजा का समय

आचार्य ने बताया कि प्रथम प्रहर पूजा का समय संध्या 6 :19 से रात्रि के 9:26 तक है. जबकि द्वितीय प्रहर का पूजा रात्रि 9:26 से मध्य रात्रि 12:34 तक है. वहीं तृतीय प्रहर पूजा का समय मध्य रात्रि 12:34 बजे से 27 फरवरी प्रातः 3:41 बजे तक है. जबकि चतुर्थ प्रहर पूजा का समय 27 फरवरी को प्रातः 3:41 बजे से प्रातः 6:48 बजे तक है. शुभ संयोग और शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की आराधना करने से उनके भक्तों को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है. उन्होंने बताया कि इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप साधक को अवश्य करना चाहिए.

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