गोगरी प्रखंड के रामपुर, गोगरी, बौरना, बन्नी समेत आधे दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है. इससे बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं. बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है, जहां सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. दूसरी ओर जनप्रतिनिधि भी राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
रामपुर पंचायत के मुखिया कृष्णानंद यादव, सरपंच नूर आलम और बौरना के मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल खुद राहत शिविरों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों को भोजन परोस रहे हैं. इसके अलावा प्रभावित परिवारों को घर-घर जार के माध्यम से पीने का पानी भी उपलब्ध कराया जा रहा है.
राहत शिविरों में भोजन से लेकर पानी तक की व्यवस्था
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए नियमित भोजन की व्यवस्था की गयी है. भोजन की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उनका कहना है कि बाढ़ के दौरान प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए परेशानी नहीं हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है. मुखिया, सरपंच और मुखिया प्रतिनिधि ने बताया कि वे दिन-रात क्षेत्र में घूमकर राहत कार्यों की स्थिति देख रहे हैं. बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण कई परिवारों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. ऐसे में प्रभावित लोगों तक समय पर भोजन, दवा, पानी और अन्य जरूरी सामान पहुंचाना प्राथमिकता है.
जरूरतमंदों के बीच दवाइयों का भी वितरण
बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरत को देखते हुए दवाइयों का वितरण भी किया गया है. जनप्रतिनिधियों ने बताया कि राहत शिविरों में भोजन के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है, ताकि बाढ़ की विषम परिस्थितियों में लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
दर्जनों परिवारों को बांटी गयी तिरपाल
गोगरी सीओ मो. आमिर हुसैन ने बताया कि अंचल क्षेत्र की बाढ़ प्रभावित पंचायतों के परिवारों के बीच बारिश और बाढ़ के पानी से बचाव के लिए दर्जनों तिरपाल वितरित किये गये हैं. उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार आगे भी राहत सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास जारी रहेगा.
सांप और जहरीले कीड़ों का भी सता रहा डर
बाढ़ प्रभावित रामपुर, गोगरी और बौरना के लोगों ने प्रशासन और सरकार से राहत कार्य और तेज करने की मांग की है. प्रभावित लोगों का कहना है कि पानी बढ़ने की स्थिति को देखते हुए राहत शिविरों में भोजन, दवा, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को और मजबूत करने की जरूरत है.
बाढ़ प्रभावित रेखा देवी, मालती कुमारी, महेश साह और रत्नेश कुमार आदि ने बताया कि घरों में पानी भर जाने के कारण रात के अंधेरे में जहरीले सांप और अन्य कीड़ों का भय बना रहता है. सबसे अधिक चिंता छोटे बच्चों को लेकर है. पानी में डूबे घरों और घर के सामान की सुरक्षा करना भी मुश्किल हो गया है. लोगों ने प्रशासन से तत्काल अतिरिक्त राहत सामग्री और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है.
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