11 को मेगा एमडीए कैंप लगाकर मरीजों को कराया जाएगा दवा सेवन

फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित

– जिले में 10 फरवरी से 2 लाख 47 हजार 523 लोगों को खिलाया जाएगा फाइलेरिया रोधी दवाएं

खगड़िया. फाइलेरिया रोग उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. आगामी 10 फरवरी से जिले के 2 लाख 47 हजार 523 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाया जाएगा. मीडिया उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रभारी सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने बताया कि 10 फरवरी से शुरू हो रहे सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के दौरान सभी लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाया जाएगा. अधिक से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाओं के सेवन के लिए 11 फरवरी को मेगा एमडीए कैंप लगाया जाएगा. जिसमे बूथ लगा कर समुदाय के सभी लक्षित लाभार्थियों को स्वास्थ्यकर्मी सामने में दवा सेवन कराएंगे. इसके अलावा प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी अगले 14 दिनों तक घर-घर जाकर छूटे हुए लाभार्थियों को दवा का सेवन कराएंगे.

फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित

फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित है. रक्तचाप, शुगर, अर्थरायीटिस या अन्य सामान्य रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को भी दवाएं खानी है. सामान्य लोगों को इन दवाओं के खाने से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होता है. अगर किसी को दवा खाने के बाद मितली आये, चक्कर जैसे लक्षण दिखे तो यह शुभ संकेत है. इसका मतलब है कि हैं कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद है. जो कि दवा खाने के बाद मर रहें हैं. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान यदि किसी लाभार्थी को दवा सेवन के पश्चात किसी प्रकार की कोई कठिनाई प्रतीत होती है. तो उससे निपटने के लिए हर ब्लॉक में रैपिड रेस्पोंस टीम तैनात रहेगी.

खिलाया जाएगा डीईसी एवं अल्बेंडाजोल की खुराक

जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक शैलेश चंद्र ने कहा कि 10 फरवरी से शुरू होने वाले सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम में जिले के 2047523 लाभार्थियों को फाइलेरिया से सुरक्षित रखने के लिए डीईसी एवं अल्बेंडाजोल कि निर्धारित खुराक खिलाया जाएगा. प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर, अपने सामने खिलाई जाएगी. उन्होंने बताया कि दवाओं का वितरण बिलकुल भी नहीं किया जायेगा. इन दवाओं का सेवन खाली पेट नहीं करना है. 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं खिलाई जाएगी. फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. लाभार्थी फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन स्वास्थ्यकर्मियों के सामने ही करें.

संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है फाइलेरिया

वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी शाहनवाज आलम ने बताया कि फाइलेरिया या हाथीपांव रोग, सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या है. यह रोग संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार फाइलेरिया, दुनिया भर में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है. यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और अगर इससे बचाव न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन होती है. फाइलेरिया के कारण चिरकालिक रोग जैसे: हाइड्रोसील (अंडकोष की थैली में सूजन), लिम्फेडेमा (अंगों में सूजन) और दूधिया सफेद पेशाब (काईलूरिया) से ग्रसित लोगों को अक्सर सामाजिक भेदभाव सहना पड़ता है. जिससे उनकी आजीविका व काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर व्यक्ति लगातार 5 साल तक फाइलेरिया रोधी दवा खा लेता है तो पूरे जीवन उसे फाइलेरिया रोग होने की संभावना नहीं रहती है.

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