सड़क के वार्ड संख्या 7, 8 और 9 के अंतर्गत मंगल साह के घर से लेकर मुस्लिम टोला तक का हिस्सा गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है. बरसात के कारण सड़क पर डेढ़ से दो फीट तक जलजमाव हो गया है. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो वर्षों से इस मार्ग की स्थिति बदतर बनी हुई है, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के कारण अब तक इसके जीर्णोद्धार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
कई गांवों की लाइफलाइन, हमेशा बनी रहती है हादसे की आशंका
यह मुख्य मार्ग क्षेत्र की बड़ी आबादी को जोड़ने वाला एकलौता जरिया है, जो अब हादसों को न्योता दे रहा है:
- प्रमुख संपर्क मार्ग: यह सड़क मानसी बाजार, राजाजान, धर्मचक, चुकती गांव और नेशनल हाईवे (NH-31) को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है, जिससे होकर प्रतिदिन हजारों लोग और छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं.
- आवागमन ठप होने के कगार पर: गहरे गड्ढों में पानी भरे रहने से बाइक, साइकिल और चारपहिया वाहनों के पलटने का डर हमेशा सताता रहता है. कई राहगीर रोजाना इस कीचड़ और पानी में गिरकर चोटिल हो रहे हैं.
वीआईपी मूवमेंट के बाद भी सुध लेने वाला कोई नहीं
ग्रामीण मंगल साह और सरपंच मनोज कुमार ने विकास के दावों पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है:
- नेताओं की अनदेखी: इसी जर्जर मार्ग से होकर क्षेत्र के सांसद, विधायक, जिला परिषद सदस्य समेत कई कद्दावर नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों का लगातार आवागमन होता है, फिर भी स्थिति जस की तस है.
- जल निकासी की मांग: ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित निर्माण विभाग से तीखी मांग की है कि कागजी खानापूर्ति बंद कर अविलंब सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए और नाली बनाकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके.
