सड़क दुर्घटना में लंगूर की मृत्यु, ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ दी विदाई
एनएच 31 पर पसराहा के समीप एक मर्माहत करने वाली घटना सामने आयी है. जहां सड़क पार करने के दौरान लंगूर की एम्बुलेंस से टकराकर मौत हो गयी
By RAJKISHORE SINGH | Updated at :
पसराहा
. एनएच 31 पर पसराहा के समीप एक मर्माहत करने वाली घटना सामने आयी है. जहां सड़क पार करने के दौरान लंगूर की एम्बुलेंस से टकराकर मौत हो गयी. बेजुबान जीव के प्रति ग्रामीणों की अगाध श्रद्धा ने इस दुखद घटना को एक भावुक विदाई में बदल दिया. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पार्थिव शरीर को सड़क से उठाकर पास के बजरंगबली मंदिर में रखा. ग्रामीणों ने इसे एक सामान्य जीव की मृत्यु न मानकर दैवीय संकेत माना और आपसी सहयोग से चंदा एकत्रित किया. इसके बाद पूरे विधि-विधान के साथ फूलों से सजी अर्थी तैयार की गयी. लंगूर की अंतिम यात्रा किसी उत्सव जैसी प्रतीत हो रही थी. ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ ग्रामीण जयकारे लगाते हुए निकले. शव यात्रा पसराहा से शुरू होकर कमरी और चकहर जैसे गांवों से गुजरी, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्प वर्षा कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की. अंत में, शव को अगुवानी गंगा घाट ले जाया गया. जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा में विसर्जित (गंगा लाभ) कर उन्हें अंतिम विदाई दी गयी. स्थानीय मंगल कुमार, राजकुमार,मनोज पासवान, लालन पंडित, नीतीश कुंअर, रूपेश कुमार, बिजय गुप्ता, राजेश भगत, राजेश शर्मा, टुनटुन पोद्दार, रंजीत पासवान, डॉ राजेश कुमार सम्भू लहरी, मुकेश लहरी आदि का कहना है कि हनुमान जी के प्रति उनकी आस्था अटूट है, इसलिए उन्होंने एक परिवार के सदस्य की भांति उनका अंतिम संस्कार किया.