Khagaria Student Camp: खगड़िया के स्कूल में शिक्षक नहीं आते, कक्षा समय पर नहीं चलती, परीक्षा या रिजल्ट में देरी होती है या फिर शौचालय, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की परेशानी है. अब ऐसी समस्याओं को लेकर छात्रों को अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे. खगड़िया में मंगलवार से विद्यार्थी सहयोग शिविर की शुरुआत की गयी है, जहां छात्र सीधे अपनी समस्या और सुझाव अधिकारियों के सामने रख सकेंगे.
सबसे खास बात यह है कि शिविर और विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर अंतिम रूप से निस्तारण किया जाना है. इससे छात्रों की शिकायतों को समयबद्ध तरीके से दूर करने की जिम्मेदारी प्रशासन पर तय होगी.
डीएम ने छात्राओं से सीधे पूछा, क्या परेशानी है?
मानसी प्रखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मानसी घरारी में आयोजित विद्यार्थी सहयोग शिविर का शुभारंभ जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने दीप प्रज्वलित कर किया.
इसके बाद डीएम ने विद्यालय की छात्राओं से सीधे बातचीत की. उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई, विद्यालय की व्यवस्था और उन्हें होने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली. साथ ही शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए छात्राओं से सुझाव भी मांगे.
डीएम ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता है.
शिक्षक नहीं आते तो यहां दर्ज कराएं शिकायत
विद्यार्थी सहयोग शिविर में छात्रों को यह भी बताया गया कि वे अपनी शैक्षणिक और संस्थागत समस्याओं को विद्यार्थी सहयोग पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं.
बोनाफाइड विद्यार्थी पोर्टल पर पंजीकरण कर अपनी शिकायत या शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़ा सुझाव दे सकते हैं.
पोर्टल पर शिक्षकों की अनुपस्थिति, समय पर कक्षा नहीं चलना, परीक्षा और परीक्षाफल में देरी, अनधिकृत शुल्क वसूली जैसी शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं.
इसके अलावा बिजली, बैठने की व्यवस्था, प्रयोगशाला, पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं भी पोर्टल के माध्यम से बतायी जा सकती हैं. कोचिंग संस्थानों से जुड़ी शिकायत और विधि-व्यवस्था से संबंधित समस्याओं को भी इसमें दर्ज करने की व्यवस्था है.
30 दिन में समाधान की जिम्मेदारी किसकी होगी?
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार गौंड को जिला नोडल पदाधिकारी बनाया गया है.
शिविर या पोर्टल के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित विभाग और अधिकारियों तक भेजा जाएगा. शिकायत के अंतिम निस्तारण की अधिकतम समय सीमा 30 दिन तय की गयी है.
इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यही है कि विद्यार्थियों की शिकायत सिर्फ दर्ज होकर फाइल में दब न जाए, बल्कि उसके समाधान के लिए समय सीमा निर्धारित रहे.
स्कूलों और छात्रावासों में भी सुनी गयी विद्यार्थियों की बात
खगड़िया जिले के अलग-अलग सरकारी शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों में भी मंगलवार को विद्यार्थी सहयोग शिविर लगाए गए.
प्रशासन की ओर से शिविरों में हेल्प डेस्क, कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट और बैठने जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गयी. इससे विद्यार्थियों को मौके पर ही शिकायत दर्ज कराने में सहूलियत मिली.
यह व्यवस्था खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अपनी समस्याओं को लेकर सीधे किसी बड़े अधिकारी तक पहुंचने में संकोच करते हैं.
Khagaria Student Camp: सिर्फ शिकायत नहीं, छात्रों के सुझाव भी होंगे महत्वपूर्ण
विद्यार्थी सहयोग शिविर को केवल शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था के रूप में नहीं देखा जा रहा है. इसके माध्यम से छात्र शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी दे सकेंगे.
स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रोजाना किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसकी वास्तविक जानकारी अधिकारियों को सीधे छात्रों से मिल सकेगी. इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है.
प्रशासन की यह पहल तभी प्रभावी साबित होगी, जब दर्ज शिकायतों की नियमित निगरानी हो और तय 30 दिनों के भीतर उनका वास्तविक समाधान किया जाए. छात्रों की शिकायतों के निस्तारण के साथ-साथ उन्हें इसकी जानकारी देना भी व्यवस्था में भरोसा बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होगा.
मौके पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आकांक्षा, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मानसी, बीडीओ मानसी राजीव कुमार सहित शिक्षक, कर्मी और अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.
