खगड़िया गोगरी से रणवीर झा की रिपोर्ट.
Khagaria Power Crisis: जिले समेत गोगरी प्रखंड में मंगलवार देर रात हुई बारिश और तेज बिजली कड़कने के बाद शिरनियाँ पावर सब स्टेशन अंतर्गत कई फीडरों में बड़ी तकनीकी खराबी आ गई. 75 से अधिक पोल पर 11 हजार वोल्ट के इंसुलेटर पंचर हो गए, जिसके कारण गोगरी, टाउन और दियारा फीडर से जुड़े एक हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ठप हो गई.
रातभर ठप रही बिजली आपूर्ति
बिजली बाधित होने से लोगों को पूरी रात परेशानी का सामना करना पड़ा. सबसे अधिक दिक्कत पानी की हुई, क्योंकि बिजली नहीं रहने से मोटर और जलापूर्ति प्रभावित रही. गर्मी और उमस के बीच लोग पूरी रात बेचैन रहे.
कई फीडरों में आई तकनीकी खराबी
बिजली विभाग के कनीय अभियंता ने बताया कि शिरनियाँ पावर सब स्टेशन के कई फीडरों में हाई वोल्टेज लाइन के इंसुलेटर पंचर हो गए थे. इसके कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद करनी पड़ी. खराबी ढूंढने के लिए शिरनियाँ ग्रिड से जमालपुर गोगरी तक करीब 100 से ज्यादा पोल की लाइन काटकर जांच की गई.
बारिश के कारण मरम्मत में आई दिक्कत
विभागीय अधिकारियों के अनुसार रातभर बारिश होने के कारण बिजली मिस्त्रियों को पोल पर चढ़कर काम करने में परेशानी हुई. लगातार बारिश और करंट लगने के खतरे की वजह से मरम्मत कार्य धीमा रहा. सुबह बारिश कम होने के बाद ही मिस्त्रियों ने तेजी से काम शुरू किया.
इंसुलेटर के भीतर जला पतला तार
जेई ने बताया कि कई इंसुलेटर के अंदर लगा पतला तार जल गया था, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई. बरसात के मौसम में ऐसी तकनीकी खराबियां ज्यादा देखने को मिलती हैं. सुरक्षा कारणों से बारिश के दौरान बिजली पोल पर चढ़कर काम करना जोखिम भरा होता है.
ट्रांसफार्मर फ्यूज खराब होने से भी बढ़ी समस्या
गोगरी के अलावा शिरनियाँ, रामपुर, जमालपुर और इटहरी इलाके में भी कई जगहों पर ट्रांसफार्मर के फ्यूज खराब हो गए थे. इससे कई इलाकों में घंटों बिजली सेवा बाधित रही और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी.
उपभोक्ताओं में दिखी नाराजगी
स्थानीय उपभोक्ता राजीव कुमार झा ने कहा कि बिजली विभाग में संसाधनों की कमी के कारण लोगों को आए दिन बिजली संकट झेलना पड़ता है. लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से घरेलू कामकाज और कारोबार दोनों प्रभावित हुए.
सुबह के बाद धीरे-धीरे बहाल हुई सप्लाई
हालांकि विभागीय प्रयासों के बाद सुबह करीब 10:30 बजे से कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई. बाकी प्रभावित क्षेत्रों में भी लाइन दुरुस्त करने का काम जारी रहा.
