Khagaria News: खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित सियादतपुर अगुआनी पंचायत के डुमरिया बुजुर्ग गांव में आयोजित नौ दिवसीय अखंड रामधुन महायज्ञ का श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य समापन हो गया. महायज्ञ के अंतिम दिन पूरा मंदिर परिसर 'सीताराम-सीताराम' के अखंड जयघोष से गुंजायमान हो उठा. दूर-दराज के गांवों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और अखंड रामनाम संकीर्तन में शामिल होकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया.
नौ दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन ने न केवल श्रद्धालुओं को भक्ति से जोड़ा, बल्कि गांव की एकता, सहयोग और सनातन परंपरा की भी अनूठी मिसाल पेश की. आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में दिन-रात भजन, कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा.
अंतिम दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
महायज्ञ के समापन अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने बड़ी संख्या में पूजा-अर्चना में भाग लिया. रामधुन, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक माहौल में डूबा नजर आया.
श्रद्धालुओं ने मां भगवती से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की. कई भक्तों ने मन्नत पूरी होने पर विशेष पूजा और प्रसाद भी चढ़ाया.
Khagaria News: प्राचीन मां भगवती मंदिर से जुड़ी है गहरी आस्था
मंदिर के पुजारी पंडित संतोष झा और चंद्रशेखर झा ने बताया कि डुमरिया बुजुर्ग स्थित मां भगवती का यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ आते हैं.
उनका कहना है कि मां भगवती की कृपा से अनेक श्रद्धालुओं की इच्छाएं पूरी हुई हैं. इसी विश्वास के कारण हर वर्ष अखंड रामधुन महायज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ किया जाता है.
आधा दर्जन कीर्तन मंडलियों ने किया रामनाम संकीर्तन
आयोजकों के अनुसार महायज्ञ के दौरान आधा दर्जन कीर्तन मंडलियों ने बारी-बारी से अखंड रामनाम संकीर्तन प्रस्तुत किया. नौ दिनों तक लगातार भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे, जिससे पूरा गांव भक्ति के रंग में रंगा रहा.
श्रद्धालुओं और कलाकारों के लिए भोजन, प्रसाद और ठहरने की भी समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे बाहर से आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
ग्रामीणों के सहयोग से बना भव्य मंदिर
ग्रामीण कार्यकर्ता राजीव कुंवर उर्फ पप्पू, अजय कुंवर, राकेश कुमार उर्फ चुन्नी, सूरज कुमार और अमित कुमार ने बताया कि करोड़ों रुपये की लागत से बना मां भगवती मंदिर गांव की एकजुटता और सामूहिक सहयोग का प्रतीक है.
उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर आर्थिक और सामाजिक सहयोग दिया. यही कारण है कि आज यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की धार्मिक पहचान बन चुका है.
आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी संदेश
डुमरिया बुजुर्ग में आयोजित नौ दिवसीय अखंड रामधुन महायज्ञ ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने का भी माध्यम बनते हैं.
नौ दिनों तक चले इस महायज्ञ में गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने मिलकर आयोजन को सफल बनाया. समापन के अवसर पर 'सीताराम' के जयघोष और मां भगवती की आराधना के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. श्रद्धालु अगले वर्ष फिर इसी उत्साह के साथ महायज्ञ में शामिल होने का संकल्प लेकर अपने घर लौटे.
Also Read: हिरासत में लिए गए माले विधायक संदीप सौरभ, 25 जुलाई को बिहार बंद से पहले एक्शन में पुलिस
