अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं थे पैसे, ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर निभाया इंसानियत का फर्ज

खगड़िया से मानवता की मिसाल पेश करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां आर्थिक तंगी के कारण एक परिवार के पास पति के अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं थे. ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर इस मुश्किल घड़ी में परिवार का साथ दिया और इंसानियत का परिचय दिया.

Financial Crisis: खगड़िया. जिले से मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करने वाली एक मार्मिक घटना सामने आई है. आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक परिवार में पति की मौत के बाद पत्नी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंतिम संस्कार की थी. घर में चिता के लिए लकड़ी और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने तक के पैसे नहीं थे. मजबूरी में महिला पति का शव घर में रखकर मदद का इंतजार करती रही. जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिली, लोगों ने चंदा जुटाकर अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था की और इंसानियत का परिचय दिया.

आर्थिक तंगी के कारण घर में रखा रहा शव

नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-5 निवासी 50 वर्षीय मन्नू साह का 21 जुलाई को निधन हो गया था. मृतक की पत्नी ने बताया कि वह तीन दिनों से एक रिश्तेदार के यहां गई हुई थीं, जबकि उनके बीमार पति घर में अकेले थे. बुधवार को लौटने पर उन्होंने पति को मृत पाया. घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को दी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण अंतिम संस्कार कराना संभव नहीं था.

सोशल मीडिया से जुटी मदद

ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाने का निर्णय लिया और सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी साझा की. इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मृतक के घर पहुंचे. किसी ने नकद राशि दी, किसी ने लकड़ी की व्यवस्था की तो किसी ने अंतिम संस्कार में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री उपलब्ध कराई. ग्रामीणों के सहयोग से पूरे सम्मान और विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया.

प्रदेश में हैं बेटे, पत्नी ने दी मुखाग्नि

मृतक की पत्नी ने बताया कि उनके दोनों पुत्र बादल और राजीव प्रदेश में मजदूरी करते हैं. उन्हें घटना की सूचना दी गई, लेकिन समय पर घर पहुंचना संभव नहीं था. ऐसे में ग्रामीणों की सहमति और सहयोग से पत्नी ने ही पति का अंतिम संस्कार कराया.

जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी बढ़ाया सहयोग

घटना की जानकारी मिलते ही नगर परिषद के जनप्रतिनिधि, सभापति, वार्ड पार्षद और कई सामाजिक कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे. सभी ने अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की. गंडक नदी किनारे ग्रामीणों की मौजूदगी में मन्नू साह का अंतिम संस्कार किया गया.

कैंसर से पीड़ित थे मन्नू साह

Financial Crisis: स्थानीय लोगों ने बताया कि मन्नू साह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे. बीमारी के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती चली गई थी. उनकी मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार तक के लिए पैसे नहीं होने की स्थिति बन गई थी. हालांकि ग्रामीणों की एकजुटता ने इस कठिन समय में परिवार को सहारा दिया.


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लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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