Khagaria News: खगड़िया के परबत्ता थाना क्षेत्र के सलारपुर गांव में 80 वर्षीय वीणा देवी की संदिग्ध मौत अब हत्या के मामले में बदल गई है. पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर मृतका के दो बेटों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस का कहना है कि घटनास्थल और शव की स्थिति से यह आशंका मजबूत हुई है कि वृद्ध महिला की पहले हत्या की गई और उसके बाद शव को आग लगाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई.
मामले में शिक्षक पुत्र मनोज कुमार सिंह और संजय कुमार शास्त्री उर्फ पप्पू सिंह सहित अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं.
रात में मिली सूचना, अधजला शव बरामद
थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने अपने आवेदन में बताया कि 2 अगस्त की रात करीब 2:45 बजे डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि सलारपुर गांव निवासी वीणा देवी के शरीर में आग लग गई है.
सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची. रात करीब 3:30 बजे पुलिस ने संजय कुमार शास्त्री के घर के बाहर दालान के नीचे काले प्लास्टिक पर पड़ा अधजला शव बरामद किया. शव की पहचान वीणा देवी के रूप में की गई.
FSL जांच में बढ़ा हत्या का संदेह
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल टीम को बुलाकर वैज्ञानिक जांच कराई.
पुलिस के अनुसार शव के अधिकांश हिस्से जले हुए थे, लेकिन कोहनी का हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित था. जांच अधिकारियों का मानना है कि यदि किसी जीवित व्यक्ति के शरीर में आग लगती है तो शरीर के सभी हिस्से लगभग समान रूप से प्रभावित होते हैं.
इसी आधार पर पुलिस को संदेह हुआ कि महिला की पहले मौत हो चुकी थी और बाद में शव को जलाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया गया.
9 कट्ठा जमीन का विवाद बना जांच का केंद्र
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका के बेटों मनोज कुमार सिंह और संजय कुमार शास्त्री उर्फ पप्पू सिंह के बीच लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था.
प्रारंभिक जांच में 9 कट्ठा जमीन के विवाद को इस घटना का संभावित कारण माना जा रहा है. पुलिस इसी एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रही है.
तीन भाइयों के बीच पहले से चल रहा था विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार वीणा देवी के तीन बेटे हैं. बड़े बेटे मनोज सिंह, मंझले बेटे अनुज सिंह और छोटे बेटे संजय सिंह.
बताया जा रहा है कि मंझला बेटा अनुज सिंह पहले से एक अन्य मामले में जेल में बंद है. घटना के समय घर पर मनोज और संजय मौजूद थे.
परिजनों के अनुसार वीणा देवी रात में खाना खाने के बाद सोने चली गई थीं. देर रात आग लगने की सूचना मिलने पर लोग पहुंचे और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.
फेस और बायोमेट्रिक जांच से पहले हत्या का आरोप
छोटे बेटे संजय कुमार शास्त्री ने आरोप लगाया है कि 11 अगस्त को पटना में फेस और बायोमेट्रिक सत्यापन होना था.
उसका दावा है कि बड़े भाई ने उसे फंसाने की साजिश के तहत मां की हत्या कर दी. उसने आरोप लगाया कि विवादित जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी की गई थी और इसी को लेकर लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था.
संजय का कहना है कि गांव और शहर मिलाकर करीब 9 कट्ठा जमीन को लेकर तीनों भाइयों के बीच विवाद था और उसी विवाद ने यह भयावह रूप ले लिया.
Khagaria News: पुलिस की अगली कार्रवाई
परबत्ता थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि वीणा देवी हत्या मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
उन्होंने कहा कि मामले का शीघ्र उद्भेदन किया जाएगा और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल पूरे गांव में इस घटना को लेकर चर्चा और तनाव का माहौल बना हुआ है.
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