खगड़िया, गोगरी. अनुमंडल क्षेत्र सहित जिले के सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई के साथ अब खेल प्रतिभाओं को भी नई पहचान दिलाने की कवायद शुरू हो गयी है. खेल विभाग के निर्देश पर 2 अक्टूबर से विद्यालय स्तर पर ‘मशाल खेल कार्यक्रम’ की शुरुआत होगी. इसका उद्देश्य ग्रामीण और पंचायत स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचने का अवसर देना है. कार्यक्रम को लेकर शिक्षा विभाग और खेल विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं.
कार्यक्रम की सफलता को लेकर होगी जिला स्तरीय समीक्षा बैठक
मशाल खेल कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जल्द ही जिला स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी. बैठक में संबंधित पदाधिकारियों को पंचायत और विद्यालय स्तर पर अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाएगा. इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने की रणनीति भी तय की जाएगी.
2 अक्टूबर से शुरू होगी विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 2 अक्टूबर से विद्यालयों में इंट्रा-स्कूल प्रतियोगिताओं का आयोजन शुरू होगा. इसके बाद दिसंबर 2026 में सीआरसी स्तर, जनवरी 2027 में प्रखंड स्तर, फरवरी 2027 में जिला स्तर और मार्च 2027 में राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. इस क्रमबद्ध व्यवस्था के माध्यम से खिलाड़ियों को विद्यालय से लेकर राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा. बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे की प्रतियोगिताओं के लिए चयनित किया जाएगा.
एथलेटिक्स से कबड्डी और फुटबॉल तक कई खेल होंगे शामिल
मशाल खेल कार्यक्रम में एथलेटिक्स, साइक्लिंग, कबड्डी, फुटबॉल और वॉलीबॉल जैसी खेल विधाओं को शामिल किया गया है. एथलेटिक्स में अंडर-14 और अंडर-16 वर्ग के खिलाड़ियों के लिए दौड़ और लंबी कूद की स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी.
साइक्लिंग में तीन और पांच किलोमीटर की प्रतियोगिता करायी जाएगी. इसके अलावा कबड्डी, फुटबॉल और वॉलीबॉल के माध्यम से टीम आधारित खेलों में विद्यार्थियों की प्रतिभा को परखा जाएगा.
विद्यालय स्तर से तैयार होगी खिलाड़ियों की नई पौध
विभाग का मानना है कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों में खेल के प्रति रुचि बढ़ेगी. साथ ही अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का विकास होगा. विद्यालय स्तर से प्रतिभाओं की पहचान होने पर उन्हें आगे प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में भी मदद मिलेगी.
खेल संस्कृति को मजबूत करने पर जोर
जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड ने कहा कि मशाल खेल कार्यक्रम केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालयों में खेल संस्कृति को मजबूत करने का अभियान है. सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को अधिक से अधिक बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि विद्यालय और पंचायत स्तर पर यदि अधिक संख्या में बच्चे प्रतियोगिताओं में शामिल होंगे तो जिले की ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा.
मार्च 2027 में राज्य स्तर पर पहुंचेगी प्रतियोगिता
मशाल खेल कार्यक्रम के तहत विद्यालय से शुरू होने वाली प्रतियोगिताएं दिसंबर में सीआरसी, जनवरी में प्रखंड और फरवरी में जिला स्तर तक पहुंचेंगी. इसके बाद मार्च 2027 में राज्य स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. विभाग की कोशिश है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से खगड़िया के ग्रामीण क्षेत्रों से नई खेल प्रतिभाओं को सामने लाया जा सके.
