Khagaria Flood Alert: खगड़िया के गोगरी प्रखंड के दियारा इलाके में बाढ़ का खतरा एक बार फिर बढ़ने लगा है. पिछले कुछ दिनों तक जलस्तर में कमी आने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब गंगा और गंडक नदी का पानी दोबारा तेजी से बढ़ने लगा है. इससे बौरना पंचायत समेत आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गयी है.
शनिवार को स्थिति का जायजा लेने के लिए गोगरी सीओ मो. आमिर हुसैन और बीडीओ रघुनंदन आनंद अधिकारियों, संबंधित कर्मचारियों और मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल के साथ बौरना पंचायत पहुंचे. टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के साथ जमींदारी बांध का भी निरीक्षण किया.
चार दिनों से बढ़ रहा नदी का जलस्तर, फिर सताने लगी बाढ़ की चिंता
स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले गंगा और गंडक के जलस्तर में कमी आने लगी थी. इससे दियारा क्षेत्र में रहने वाले लोगों को लगा था कि इस बार बाढ़ का संकट टल सकता है.
लेकिन पिछले चार दिनों से दोनों नदियों के जलस्तर में फिर वृद्धि शुरू हो गयी है. पानी बढ़ने के साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है.
ग्रामीणों को डर है कि यदि जलस्तर इसी तरह लगातार बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है. प्रशासन ने भी प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है.
2-3 दिन में गांव में घुस सकता है बाढ़ का पानी
बौरना पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि नासिर इकबाल ने बताया कि नदी का पानी लगातार इसी तरह बढ़ता रहा तो दो से तीन दिनों में गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर सकता है.
उन्होंने बताया कि दियारा इलाके के लोगों को पहले भी बाढ़ के कारण विस्थापित होकर ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है. ऐसे में दोबारा पानी बढ़ने से ग्रामीणों के सामने घर-बार छोड़ने की आशंका पैदा हो गयी है.
सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों को है, जिनके घर और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीजें निचले इलाके में हैं.
जमींदारी बांध के कटे हिस्से तक पहुंचा पानी
बाढ़ के खतरे के बीच जमींदारी बांध भी प्रशासन और ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बांध के उस हिस्से का जायजा लिया, जहां पहले से कटाव हुआ था.
स्थानीय लोगों के अनुसार, अब बढ़ता पानी कटे हिस्से के आसपास पहुंचने लगा है. इससे बांध की सुरक्षा को लेकर भी आशंका बढ़ गयी है.
मुखिया यासमीन ने अपनी ओर से जेसीबी की मदद से कटे हिस्से में मिट्टी डलवाकर उसे मजबूत कराने का प्रयास किया है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते बांध की पर्याप्त मरम्मत नहीं हुई तो बढ़ते जलस्तर के बीच परेशानी और गंभीर हो सकती है.
प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर देखी स्थिति
सीओ मो. आमिर हुसैन और बीडीओ रघुनंदन आनंद ने बौरना पंचायत के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति की जानकारी ली. अधिकारियों ने स्थानीय कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों से भी जानकारी ली.
दियारा इलाके में बाढ़ का खतरा अचानक बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के सामने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की चुनौती होगी.
Khagaria Flood Alert: पानी बढ़ा तो फिर शुरू हो सकती है विस्थापन की मजबूरी
दियारा क्षेत्र के ग्रामीण हर साल बाढ़ के खतरे के बीच जीवन गुजारते हैं. नदी का जलस्तर बढ़ते ही खेती, आवागमन और पशुओं के चारे की समस्या सामने आने लगती है. स्थिति गंभीर होने पर परिवारों को घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ता है.
फिलहाल बौरना और आसपास के इलाकों में लोग नदी के जलस्तर पर नजर बनाये हुए हैं. ग्रामीणों की मांग है कि बांध के कमजोर और कटे हिस्सों को समय रहते मजबूत किया जाये, ताकि पानी बढ़ने की स्थिति में गांवों को तत्काल खतरे से बचाया जा सके.
आने वाले दो-तीन दिन दियारा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. यदि गंगा और गंडक का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा तो बौरना पंचायत समेत आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा गंभीर रूप ले सकता है.
