खगड़िया में फिर बढ़ा गंगा-बूढ़ी गंडक का जलस्तर, निचले इलाकों में दोबारा फैलने लगा बाढ़ का पानी

खगड़िया में बाढ़ का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है. गंगा और बूढ़ी गंडक नदियों के जलस्तर में वृद्धि से निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है. कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है.

खगड़िया, परबत्ता. प्रखंड क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ की स्थिति गंभीर होने लगी है. पिछले तीन दिनों से जलस्तर में मामूली कमी के बाद बुधवार से गंगा और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके कारण प्रखंड के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी दोबारा फैलने लगा है. कुछ गांवों में पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है. कबेला पंचायत के जागृति टोला और तेमथा करारी पंचायत के शर्मा टोला में बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है. कई परिवार घरों में रहने को मजबूर हैं. भरतखंड के विकास नगर और भरसों पंचायत के कई वार्ड भी फिर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. वहीं लगार पंचायत के निचले इलाकों में बसे टोलों में जलस्तर बढ़ने की आशंका से ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है.

गंगा में 12 घंटे में 12 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर

जिले में गंगा समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है. 2 सितंबर की शाम छह बजे जारी दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी का जलस्तर 34.92 मीटर दर्ज किया गया. पिछले 12 घंटे में गंगा के जलस्तर में 12 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है. हालांकि, नदी का जलस्तर अभी निर्धारित उच्चतम बाढ़ स्तर यानी HFL 36.34 मीटर से 1.42 मीटर नीचे है.

बूढ़ी गंडक में भी 12 सेंटीमीटर की वृद्धि

बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 36.94 मीटर दर्ज किया गया. पिछले 12 घंटे में इसके जलस्तर में भी 12 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है. बूढ़ी गंडक का निर्धारित HFL 39.22 मीटर है. जलस्तर में अचानक दोबारा वृद्धि होने से नदी के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है.

बागमती बढ़ी, कोसी में तीन सेंटीमीटर की कमी

बागमती नदी का जलस्तर 36.83 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें पिछले 12 घंटे में चार सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है. बागमती का HFL 38.93 मीटर निर्धारित है. दूसरी ओर कोसी नदी के जलस्तर में तीन सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई. कोसी का जलस्तर 35.00 मीटर रहा.

तटबंध सुरक्षित, लेकिन निचले इलाकों में बढ़ी चिंता

दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार खगड़िया जिले में F.C.D.-1 और F.C.D.-2 के अंतर्गत आने वाले सभी तटबंध और संरचनाएं फिलहाल सुरक्षित बताई गई हैं. इससे प्रशासन और ग्रामीणों को बड़ी राहत है. हालांकि, गंगा और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में फिर हुई वृद्धि के कारण निचले इलाकों में पानी फैलने का खतरा बढ़ गया है.

घरों तक पानी पहुंचने से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी

कबेला पंचायत के जागृति टोला और तेमथा करारी पंचायत के शर्मा टोला में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. भरतखंड के विकास नगर और भरसों पंचायत के कई वार्डों में भी पानी दोबारा फैलने लगा है. निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीण जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और पानी बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी में हैं.

जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच प्रशासन की नजर

नदियों के जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव के बीच ग्रामीण इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. फिलहाल जिले के प्रमुख तटबंध सुरक्षित हैं, लेकिन निचले इलाकों में बाढ़ का पानी दोबारा फैलने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है. आने वाले घंटों में नदी के जलस्तर में होने वाला बदलाव परबत्ता प्रखंड के निचले इलाकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा.

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लेखक के बारे में

By पलटू झा

पलटू झा प्रिंट माध्यम में 11 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. परबत्ता (खगड़िया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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