Jhoolan Utsav Khajraitha: सावन की भक्ति में इन दिनों परबत्ता का खजरैठा गांव पूरी तरह डूबा हुआ है. फूलों से सजा मंदिर, चांदी का भारी-भरकम झूला और उस पर विराजमान भगवान श्रीराम परिवार. सामने श्रद्धालुओं की भीड़ और वातावरण में गूंजता “मधुर-मधुर नाम सीताराम, सीताराम” का स्वर. यह दृश्य इन दिनों खजरैठा स्थित अतिप्राचीन भगवान श्रीराम मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय झूलनोत्सव का है.
शाम ढलते ही मंदिर परिसर भक्ति संगीत से गूंज उठता है. भजन-कीर्तन मंडली की प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालु भगवान के झूला दर्शन कर रहे हैं. झूलनोत्सव को लेकर खजरैठा के साथ आसपास के इलाकों में भी उत्साह का माहौल है.
फूलों से सजा मंदिर, चांदी के झूले पर श्रीराम परिवार
झूलनोत्सव के अवसर पर खजरैठा गांव स्थित भगवान श्रीराम मंदिर को फूलों की पंखुड़ियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है. मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम परिवार को चांदी के भारी-भरकम झूले के पलने पर विराजमान कराया गया है.
श्रद्धालु भगवान श्रीराम, माता सीता और परिवार के झूला दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं. झूले पर विराजमान भगवान की मनोहारी छवि लोगों को आकर्षित कर रही है.
मंदिर में आने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ भक्ति संगीत का आनंद भी ले रहे हैं. संध्या के समय मंदिर परिसर में विशेष रूप से भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है.
“सीताराम-सीताराम” की धुन में डूबा माहौल
पांच दिवसीय आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन मंडली की ओर से लगातार धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये जा रहे हैं. “मधुर-मधुर नाम सीताराम, सीताराम” की ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है.
भजन की मधुर धुन और वाद्य यंत्रों की संगत श्रद्धालुओं को देर तक मंदिर परिसर में रोक रही है. कई श्रद्धालु भक्ति गीतों के साथ झूमते और भगवान की आराधना करते नजर आ रहे हैं.
मनीष मानस की प्रस्तुति पर झूमे श्रद्धालु
झूलनोत्सव में अंग प्रदेश के लोकप्रिय गायक मनीष मानस की प्रस्तुति ने भी श्रद्धालुओं को खूब आकर्षित किया. उनके भक्ति गीतों पर मौजूद लोग झूमने पर मजबूर हो गये.
संगीत में तबला पर राहुल, ऑर्गन पर मनोहर और पैड पर बिट्टू ने संगत की. गायन और वाद्य यंत्रों की संगत ने शाम के कार्यक्रम को और खास बना दिया.
खजरैठा के साथ कई मंदिरों में चल रहा आयोजन
झूलनोत्सव का आयोजन सिर्फ खजरैठा तक सीमित नहीं है. प्रखंड के सार्वजनिक ठाकुरबाड़ी कबेला, वीरपुर टोला नयागांव ठाकुरबाड़ी मंदिर समेत कई स्थानों पर पांच दिवसीय झूलनोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है.
इन मंदिरों में भी शाम के समय भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं. श्रद्धालु परिवार के साथ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना और झूला दर्शन कर रहे हैं.
Jhoolan Utsav Khajraitha: 28 अगस्त को होगा झूलनोत्सव का समापन
झूलनोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में लगातार उत्साह बना हुआ है. आयोजन के दौरान मंदिरों में धार्मिक माहौल के साथ स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियां भी देखने को मिल रही हैं.
आयोजकों के अनुसार पांच दिवसीय झूलनोत्सव कार्यक्रम का समापन सावन पूर्णिमा यानी 28 अगस्त को होगा. समापन के मौके पर भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है.
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