खगड़िया. बदला करांची तटबंध को सुदृढ़ीकरण में अनियमितता बरती जा रही है. इसको लेकर मुख्यमंत्री से एजेंसी के विरूद्ध शिकायत की गयी है. बागमती बाढ़ प्रबंधन योजना तृतीय चरण (अ) अन्तर्गत बागमती तटबंध की सुदृढ़ीकरण योजना में अनियमितता बरती जा रही है. एपेक्स इंटरनेशनल कंस्ट्रक्शन ने मुख्यमंत्री को आवेदन देकर मामले की जांच कराने की मांग की है. आवेदन में कहा गया है कि परियोजना को दो वर्षों से कार्य कर रही कंपनी द्वारा घटिया निर्माण कर रही है. कार्य में विलंब किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नियम के विरुद्ध जाकर कार्यान्वयन की जिम्मेदार एजेंसी को दिया गया. कंपनी द्वारा कार्य को ससमय पूरा नहीं किया गया. अभी तक कार्य के लिए एक्सटेंशन लिया गया है. छह वर्ष बीत जाने के बावजूद कार्य अधूरा है. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पहले जो बांध बनाया जा रहा था उस में मिट्टी दिया गया था, लेकिन अब बांध को ऊंची करने के लिए सिर्फ बालू मिट्टी दिया जा रहा है, जिससे बरसात के समय में परेशानी हो सकती है. तटबंध की मजबूती पर सवाल उठने लगा है. तटबंध पर लगे पेड़ पौधों का काट कर फेंक दिया गया है. कहते हैं अधिकारी
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल टू के कार्यपालक अभियंता कृपाल चौधरी ने बताया कि विभाग ने तटबंध से पचास मीटर की दूरी बाद मिट्टी काटने का प्रावधान है. अगर, निर्माण एजेंसी द्वारा तटबंध पर बालू का उपयोग किया जा रहा है तो जांच की जायेगी. संबंधित एजेंसी के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
