गोगरी (खगड़िया) से रणवीर झा की रिपोर्ट. अनुमंडल मुख्यालय के धनखेता रोड में मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध रूप से संचालित तीन निजी अस्पतालों पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की गाज गिरी है. इन कथित अस्पतालों में पंजीकरण की शर्तों का सरेआम उल्लंघन कर मनमाने ढंग से मरीजों का इलाज किया जा रहा था. हाल ही में यहां एक साढ़े पांच वर्ष के मासूम बच्चे की गलत सुई लगने से हुई मौत के बाद मामला गरमा गया था.
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश के लिखित आवेदन पर गोगरी थाने में कांड संख्या-153/26 दर्ज कर ली गई है. इसमें मेडिकल स्टोर के संचालक नौशाद आलम, निसार अंसारी और मो. आरिफ को नामजद अभियुक्त बनाया गया है.
छापेमारी के दौरान सामने आया चौंकाने वाला सच
गोगरी एसडीओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की संयुक्त टीम ने जब उक्त मेडिकल हॉल की आड़ में चल रहे क्लीनिकों पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी चौंक गए.
- दुकान के पीछे चल रहा था अस्पताल: जांच में पाया गया कि आगे सिर्फ मेडिकल स्टोर का बोर्ड था, जबकि उसके ठीक पीछे बकायदा पूरा अस्पताल सेटअप तैयार किया गया था. यहां अवैध रूप से मरीजों को भर्ती करना, सुई देना, ड्रेसिंग करना और सलाइन (पानी) चढ़ाने जैसे कार्य धड़ल्ले से किए जा रहे थे.
- कमरे से मिला मेडिकल वेस्ट: गोगरी बीडीओ रघुनन्दन आनंद, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश और पुलिस टीम ने जब एक बंद कमरे का ताला खुलवाया, तो वहां मेडिकल वेस्ट (कचरा) से भरी एक बाल्टी मिली. इसमें खून से सनी पट्टियां, इस्तेमाल की जा चुकी सुइयां और सीरिंज बरामद हुईं.
- कागजात नदारद: जांच के दौरान इस तथाकथित अस्पताल से इलाज से संबंधित कोई पर्ची, मरीज रजिस्ट्रेशन का रिकॉर्ड या कोई आधिकारिक रजिस्टर नहीं मिला, जो मेडिकल एक्ट का सीधा उल्लंघन है. टीम ने मौके से कई आपत्तिजनक सामग्रियां जब्त की हैं.
इलाके के झोलाछाप डॉक्टरों में मचा हड़कंप
गोगरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे दर्जनों झोलाछाप सक्रिय हैं, जो सीधे-साधे ग्रामीणों को झांसे में लेकर खुद को बड़ा डॉक्टर बताते हैं और इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं. शुक्रवार की रात और शनिवार की दोपहर को गोगरी प्रशासन द्वारा की गई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अवैध क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया है. कार्रवाई की भनक मिलते ही कई झोलाछाप अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए, तो कई भूमिगत हो गए हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी?
“मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध रूप से निजी क्लीनिक संचालित किया जा रहा था, जिसमें एक बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया था. गोगरी एसडीओ के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों अवैध सेंटरों को सील कर दिया गया है और संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.” – डॉ. चंद्रप्रकाश, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, अनुमंडलीय अस्पताल गोगरी.
