खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत गंगा नदी के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि का असर अब अगुवानी-सुल्तानगंज के बीच निर्माणाधीन महासेतु और फोरलेन सड़क निर्माण कार्य पर साफ दिखने लगा है. नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ने के कारण निर्माणाधीन फोरलेन पुल के पिलर संख्या 10, 11 और 12 पर चल रहा महत्वपूर्ण निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है. सुरक्षा के मद्देनजर कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने पिलरों पर तैनात भारी मशीनों और उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है.
युद्ध स्तर पर चल रहा था वेल कैप का काम, सुरक्षा कारणों से रुका काम
निर्माणाधीन फोरलेन पुल के पिलर संख्या 10, 11 और 12 पर निर्माण कंपनी द्वारा तेजी से काम कराया जा रहा था:
- कार्य की स्थिति: पिलर संख्या 10 और 11 पर 'वेल कैप' (Well Cap) का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया था, जबकि पिलर संख्या 12 पर वेल कैप का काम अंतिम चरण में था.
- 4-5 महीने कार्य बाधित रहने की आशंका: गंगा में उफान और तेज बहाव को देखते हुए काम रोक दिया गया है. जानकारों का कहना है कि जलस्तर में गिरावट आने में करीब 4 से 5 महीने का समय लग सकता है. ऐसे में इन पिलरों पर दोबारा काम शुरू होने में लंबा वक्त लगेगा.
उपधारा के लोहे के पुल पर चढ़ा पानी, परिचालन पूरी तरह बंद
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से अगुवानी गंगा घाट की उपधारा (Dhar) पर आवागमन के लिए बनाया गया अस्थाई लोहे का पुल अब जलमग्न होने लगा है:
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: किसी भी प्रकार के हादसे को रोकने के लिए प्रशासन और कंस्ट्रक्शन कंपनी ने लोहे के पुल के आगे बड़े-बड़े बोल्डर (पत्थर) रखकर मार्ग को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है.
- चेतावनी बोर्ड लगाया गया: पुल के मुहाने पर चेतावनी बोर्ड लगाकर आम लोगों और वाहन चालकों को उधर न जाने की सख्त हिदायत दी गई है.
