बेलदौर के महादलित टोला में एक सप्ताह से घरों में घुसा बाढ़ का पानी, राशन-जलावन डूबे, झोपड़ियां गिरने का खतरा

बेलदौर प्रखंड के महादलित टोले में बाढ़ का पानी एक सप्ताह से घरों में जमा है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. राशन, जलावन और मवेशियों का चारा डूबने से भोजन का संकट पैदा हो गया है. फूस की झोपड़ियां गिरने के कगार पर हैं.

बेलदौर प्रखंड क्षेत्र की दिघौन पंचायत के वार्ड नंबर सात स्थित महादलित टोला में बाढ़ का पानी घुस जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है. करीब एक सप्ताह से कई घरों में पानी जमा है, जिससे लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. घरों में पानी घुसने के कारण खाना बनाने से लेकर दैनिक जरूरतों को पूरा करने तक के लिए ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

घर में रखा राशन और मवेशियों का चारा डूबा

बाढ़ प्रभावित टोले की जीरा देवी, शंकर सदा, फूलचंद सदा, दिलचन सदा, पार्वती देवी, पूरन सदा, हलप सदा और जेलू सदा ने बताया कि बाढ़ का पानी उनके घरों में प्रवेश कर गया है. घर में रखा राशन, जलावन और मवेशियों का चारा पानी में डूब गया है.

ग्रामीणों ने बताया कि राशन के पानी में डूब जाने से परिवारों के सामने भोजन का संकट पैदा हो गया है. वहीं मवेशियों के लिए चारा जुटाना भी मुश्किल हो गया है. पानी जमा रहने के कारण घर के भीतर रहना भी परेशानी का कारण बना हुआ है.

फूस की झोपड़ियां कमजोर, गिरने का खतरा

ग्रामीणों के अनुसार टोले के अधिकांश परिवारों के पास पक्का मकान नहीं है. वे फूस की झोपड़ियों में रहने को विवश हैं. लगातार पानी जमा रहने से झोपड़ियां कमजोर हो गयी हैं और इनके गिरने का खतरा बना हुआ है.

ग्रामीणों ने बताया कि उनके सामने आवास की समस्या पहले से बनी हुई है. उनके अनुसार अब तक उन्हें पर्चा की जमीन भी उपलब्ध नहीं करायी जा सकी है. ऐसे में बाढ़ का पानी जमा होने के बाद सुरक्षित ठिकाने की चिंता और बढ़ गयी है.

पॉलीथिन, सूखा राशन और चारे की मांग

बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रखंड प्रशासन से तत्काल राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने पॉलीथिन शीट, सूखा राशन और मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था कराने की मांग की है.

इसके साथ ही टोले में सामुदायिक रसोई शुरू कराने की भी मांग उठायी गयी है, ताकि घरों में पानी जमा होने के बावजूद प्रभावित परिवारों को भोजन मिल सके. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते राहत नहीं मिली तो उनकी परेशानी और बढ़ सकती है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Amit kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >