भू एवं खनन माफिया के आतंक से सहमे किसान, शिकायत के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई

भू- माफिया के आतंक से सहमे है किसान

परबत्ता. प्रखंड के लगार दियारा में भू-माफियाओं द्वारा अवैध खनन किया जा रहा है, जिसके कारण दर्जनों किसान दहशत में जी रहे हैं. किसानों द्वारा पूरे मामले की शिकायत परबत्ता थाने की पुलिस से की गयी. लेकिन अब तक पुलिस अवैध खनन को लेकर मूकदर्शक बनी हुई है. जिसके चलते खनन माफिया का हौसला बुलंद है. अगुवानी पंचायत के राका निवासी पंकज पाठक, दुर्गेश कुमार, शैलेंद्र झा आदि ने खेत से जबरन मिट्टी काटे जाने की शिकायत पुलिस से की है. कहा कि जब वह अपना खेत देखने गए तो उस समय बड़ी लगार के बाबू साहब एवं सिंटू यादव दोनों ट्रैक्टर से जबरन मिट्टी काटकर एक दूसरे ट्रेलर पर लोड कर रहे थे. जब उसे ऐसा करने से रोका तो आरोपितों ने अपने एक दूसरे साथी ज्योतिष झा एवं अमन को बुला लिया. कहा गया कि एक लाख रुपये रंगदारी दो नहीं तो घर जाकर बैठो. पंकज पाठक ने कहा कि उन लोगों ने उनके साथ हाथापाई किया और गाली गलौज देते हुए हथियार का भय दिखाकर खेत से जबरन भगा दिया. बीते शनिवार को ही इस पूरे मामले की शिकायत की गई है. पुलिस की ओर से भी आवेदन प्राप्त होने का बात बताया गया.

भू- माफिया के आतंक से सहमे है किसान

परबत्ता के लगार एवं राका गांव से थोड़ी दूर पूर्वी छोर पर दियारा में भू-माफिया का आतंक चरम पर है. भू-माफियाओं के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे पुलिस और प्रशासन की आंखों के सामने ही अवैध खनन कर रहे हैं. रोजाना सैकड़ों ट्रेलर मिट्टी एवं उजाला बालू जीएन बांध के रास्ते प्रखंड के अलग-अलग हिस्सों में बेच रहे हैं. हालांकि कभी कभार खनन विभाग की छापेमारी होती है. लेकिन खनन माफिया अपनी लंबी पहुंच पैरवी और पैसे के बदौलत कार्रवाई से बच निकलता है.

भू और खनन माफिया का आपस में है गठजोड़

स्थानीय लोग बताते हैं कि इस क्षेत्र की अधिकतर जमीन टोपोलैंड किस्म की है. कुछ भू-माफिया अवैध तरीके से फर्जी कागजात के जरिए वर्षों से काबिज भोले भाले किसानों को डरा धमका कर भगा देते हैं. फिर खनन माफिया के साथ गठजोड़ कर लाखों की कमाई करते हैं. भू-माफियाओं की पैरवी पहुंच एवं प्रशासनिक पकड़ के चलते किसानों की शिकायतें फाइलों में ही दबकर रह जाती है. कुछ किसान तो इन भू-माफिया के दहशत में आकर शिकायत करने से भी कतराते हैं. दबंग के आतंक से किसान भयभीत हैं.

पर्यावरण को नुकसान बाढ़ एवं कटाव का भी खतरा

लगार एवं राका के संयुक्त दियारा वाले इस भूभाग में अवैध खनन के चलते पर्यावरण को भारी खतरा है. न केवल किसानों की उपजाऊ जमीन काटी जा रही है. बल्कि नदी की धारा भी इससे प्रभावित हो रही है. नियमों को ताक पर रखकर हो रहे खनन के चलते बाढ़ एवं कटाव का खतरा भी कई गुना बढ़ चुका है. अगर समय रहते इस पर प्रभावी तरीके से लगाम लगाने के ठोस उपाय एवं भू-माफिया को चिन्हित कर कार्रवाई नहीं किया गया तो आने वाले समय में इस जगह के भौगोलिक हालात भयावह होगा. इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ेगा.

कहते पुलिस पदाधिकारी

एसआई नीता कुमारी ने बताया कि आवेदन मिला है. मामले की जांच की जारी है.

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By RAJKISHORE SINGH

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