Fake IAS Manish Gupta: खगड़िया. फर्जी IAS मनीष कुमार गुप्ता से जुड़े मामले की जांच अब अगले चरण में पहुंच गयी है. न्यायालय के आदेश के बाद गोगरी पुलिस ने मनीष को पुलिस रिमांड पर लिया है. शनिवार को उसे गोगरी थाना लाया गया, जहां एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों ने उससे पूछताछ की.
इसी बीच शनिवार दोपहर खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह भी गोगरी थाना पहुंचे. उन्होंने थानाध्यक्ष के कक्ष में मनीष से अकेले में पूछताछ की. एसपी ने उससे क्या जानकारी हासिल की, इसका खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है. हालांकि, पुलिस की इस पूछताछ को मामले में आगे की जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
रिमांड पर आते ही शुरू हुई पूछताछ
गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर कांग्रेस ऑफिस निवासी मनीष कुमार गुप्ता को न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस रिमांड पर लिया गया. रिमांड के दौरान उसे गोगरी थाना लाया गया और कड़ी निगरानी में रखा गया.
एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर, थानाध्यक्ष अजय कुमार समेत कई पुलिस पदाधिकारियों ने उससे पूछताछ की. पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि फर्जी IAS की पहचान के पीछे उसका पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था और इस पहचान का इस्तेमाल किन-किन लोगों के संपर्क में आने या दूसरे उद्देश्यों के लिए किया गया.
एसपी ने थाने पहुंचकर खुद की पूछताछ
शनिवार की दोपहर खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह के गोगरी थाना पहुंचने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गयी. एसपी ने थानाध्यक्ष के कक्ष में मनीष से अकेले में पूछताछ की.
पूछताछ में मनीष ने क्या बताया, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गयी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार रिमांड के दौरान सामने आने वाली जानकारियों का मिलान पहले से जुटाये गये साक्ष्यों से किया जा रहा है.
मोबाइल और लैपटॉप की जानकारी भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस की जांच अब केवल मनीष की पहचान और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है. उसके संपर्क में रहने वाले लोगों, आर्थिक लेन-देन और सरकारी अधिकारियों या प्रभावशाली लोगों से संबंधों की भी जांच की जा रही है.
मनीष के मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से मिलने वाली जानकारी का भी पुलिस मिलान कर रही है. जांच में यदि डिजिटल रिकॉर्ड और पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के बीच कोई कड़ी सामने आती है, तो उससे मामले की कई परतें खुल सकती हैं.
आर्थिक लेन-देन की भी होगी जांच
मनीष के घर से बड़ी संख्या में बैंक कार्ड और चेकबुक बरामद होने के बाद वित्तीय लेन-देन भी जांच का अहम हिस्सा बन गया है.
पुलिस के अनुसार उसके घर से कुल 28 बैंक कार्ड और चेकबुक मिले थे. इनमें 20 प्रीमियम क्रेडिट कार्ड और आठ डेबिट कार्ड शामिल हैं. अमेरिकन एक्सप्रेस, एसबीआई एलीट, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी रेगलिया, आरबीएल और डीबीएस स्पार्क जैसे कार्ड भी बरामद होने की बात सामने आयी है.
इसके अलावा एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक की चार चेकबुक तथा प्रायरिटी पास भी जब्त किये गये थे. पुलिस इन बैंक खातों और उनसे जुड़े लेन-देन की जांच कर रही है.
घर से 12 देशों की विदेशी शराब बरामद
मनीष के घर पर हुई छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में विदेशी शराब भी बरामद की थी. पुलिस के अनुसार जब्त शराब में 12 देशों की 32 प्रकार की शराब शामिल थी.
जापान, फ्रांस, जर्मनी, इटली, दक्षिण अफ्रीका, मैक्सिको, अर्जेंटीना, अमेरिका और स्कॉटलैंड समेत कई देशों के प्रीमियम ब्रांड इसमें शामिल थे. इनमें व्हिस्की, वाइन, वोदका, जिन और टकीला बरामद होने की बात कही गयी है.
जापान की यामाजाकी सिंगल माल्ट और हिबिकी जापानी हार्मनी, स्कॉटलैंड की जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल, हेंड्रिक्स जिन, टैलिस्कर, लैफ्रोएग और ग्लेनफिडिच जैसे ब्रांड भी जब्त किये गये थे. अमेरिका की जिम बीम ब्लैक और मैक्सिको की जोसे कुएर्वो टकीला समेत अन्य ब्रांड भी बरामद हुए थे. भारत की ओल्ड मॉन्क और इंद्री सिंगल माल्ट भी जब्त शराब में शामिल थी.
'Government of India' लिखे दो वाहन भी मिले थे
मामले की जांच तब और चर्चा में आ गयी थी, जब 8 अगस्त को मनीष के आवास पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो वाहनों को बरामद किया था. इन वाहनों पर 'Government of India' लिखा होने की जानकारी पुलिस ने दी थी.
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन वाहनों और कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था.
Fake IAS Manish Gupta: 8 अगस्त को घर पर हुई थी छापेमारी
खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह के निर्देश पर 8 अगस्त को गोगरी एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मनीष के जमालपुर स्थित आवास पर छापेमारी की थी.
दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई कार्रवाई और घेराबंदी के बाद पुलिस ने रात करीब 10 बजे मनीष कुमार गुप्ता को उसके आवास से गिरफ्तार किया था. छापेमारी में शराब, बैंक कार्ड, चेकबुक और 'Government of India' लिखे वाहन समेत कई सामान बरामद किये गये थे.
अब पुलिस रिमांड के दौरान मनीष से मिली जानकारी इस पूरे मामले की जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है. खासकर उसके संपर्कों, आर्थिक गतिविधियों और कथित फर्जी IAS पहचान के इस्तेमाल से जुड़े सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है.
