Eid Milad-un-Nabi 2026: रोशनी से सजी मस्जिदें, नात-ए-पाक और दुरूद-ओ-सलाम की गूंज और हर तरफ मुबारकबाद. बुधवार को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के मौके पर परबत्ता का माहौल धार्मिक उल्लास के साथ अमन और भाईचारे के संदेश से सराबोर रहा. सुबह से ही मुस्लिम बहुल इलाकों में पर्व की रौनक दिखाई देने लगी थी. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह नजर आया.
पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब की पैदाइश की याद में मनाये जाने वाले इस पर्व पर लोगों ने उनकी सीरत और इंसानियत के संदेश को याद किया. मस्जिदों और घरों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया. शाम होते-होते सजावट से धार्मिक स्थलों की खूबसूरती और बढ़ गयी.
नमाज, कुरआन की तिलावत और नातिया कलाम से गूंजा माहौल
ईद-ए-मिलाद के अवसर पर क्षेत्र की मस्जिदों में विशेष नमाज के साथ कुरआन की तिलावत, दुरूद-ओ-सलाम और नातिया कलाम के कार्यक्रम आयोजित किये गये. जगह-जगह उलेमाओं ने पैगंबर साहब के जीवन, उनके आदर्शों और इंसानियत के संदेश पर तकरीर की.
शाही मस्जिद तेमथा शरीफ के इमाम मोहम्मद परवेज रजा और नूर आलम समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि पैगंबर साहब ने समाज को प्रेम, दया, आपसी सम्मान और जरूरतमंदों की मदद का रास्ता दिखाया. उनकी शिक्षाओं और सीरत को अपने जीवन में उतारना ही मिलाद मनाने का वास्तविक उद्देश्य है.
जरूरतमंदों के बीच बांटा भोजन और सामान
पर्व के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक सरोकार भी देखने को मिला. कई स्थानों पर लोगों ने एक-दूसरे को ईद-ए-मिलाद की मुबारकबाद दी. जरूरतमंद लोगों के बीच भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण भी किया गया.
आयोजनों में वक्ताओं ने लोगों से समाज में आपसी प्रेम और सम्मान बनाये रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब की शिक्षाएं आज भी लोगों को इंसानियत और भाईचारे के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती हैं.
परबत्ता बाजार से गांवों तक रही रौनक
परबत्ता बाजार के अलावा मड़ैया, मुजाहिदा, पिपरालतीफ, कुल्हड़िया और तेमथा समेत आसपास के गांवों में भी ईद-ए-मिलाद को लेकर विशेष चहल-पहल रही.
घरों और मस्जिदों में सजावट की गयी. शाम ढलने के बाद रोशनी से जगमगाते धार्मिक स्थलों का दृश्य आकर्षण का केंद्र बना रहा. बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रमों में शामिल हुए.
Eid Milad-un-Nabi 2026: सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा सतर्क
पर्व को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क रहा. संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी गयी और शांतिपूर्ण माहौल बनाये रखने पर जोर दिया गया. प्रशासन की ओर से लोगों से आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाये रखते हुए पर्व मनाने की अपील की गयी.
ईद-ए-मिलाद के दौरान धार्मिक उत्साह के साथ शांति और सद्भाव का माहौल नजर आया. लोगों ने अमन-चैन की दुआ की और समाज में आपसी मेल-जोल तथा भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया.
परबत्ता में मनाया गया ईद-ए-मिलाद एक बार फिर इलाके की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता के बीच आपसी सौहार्द की तस्वीर पेश करता नजर आया. धार्मिक उल्लास के बीच अमन, मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम पूरे क्षेत्र में सुनाई दिया.
मौके पर मोहम्मद सरफराज खान, मोहम्मद अमीर खां, चांद खां, मोहम्मद अनवर समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे.
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