भीषण गर्मी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्यासा, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

जलापूर्ति भी ठप हैंडपंप भी खराब

परबत्ता. भीषण गर्मी के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पेयजल संकट गहरा गया है. अस्पताल परिसर में पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच पानी की कमी ने हालात को और गंभीर बना दिया है. अस्पताल परिसर में पानी की व्यवस्था नहीं रहने के लिए मरीज व अभिभावक इधर उधर भटकते नजर आते हैं. खासकर, महिलाओं को काफी परेशानी होती है. मरीजों के जेब पर आर्थिक बजट का दबाव पर रहा है. जिसके कारण मरीज ठगा महसूस कर रहे हैं.

सीलबंद बोतल के सहारे मरीज

करना गांव निवासी रूपणी देवी, आशा देवी, कैलाश सिंह आदि ने बताया कि पीने के पानी के लिए अस्पताल परिसर से बाहर जाना पड़ रहा है. या फिर बाजार से पानी खरीदना मजबूरी बन गया. कई मरीजों के परिजन पानी के लिए भटकते नजर आते हैं. जिससे इलाज के दौरान उनकी परेशानी और बढ़ जाती है. खासकर बुजुर्ग, महिला और दूर-दराज से आए लोगों को सबसे अधिक कठिनाई झेलनी पड़ रही है. बताया कि सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था निशुल्क किए हैं, लेकिन पानी पीने की व्यवस्था नहीं किए है. निशुल्क इलाज कराने के चक्कर में पानी पीने में ही खर्च हो जा रहा है. बताया कि दवा अस्पताल में मिलता है पानी दुकान से खरीद कर पीना पड़ता है.

जलापूर्ति भी ठप हैंडपंप भी खराब

स्थानीय लोगों ने बताया कि अस्पताल में लगे नल और जलापूर्ति व्यवस्था या तो खराब हैं या पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है. गर्मी के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ पानी की मांग भी बढ़ गयी है. ऐसी हालत में पेय जलापूर्ति बाधित रहने से लोगों को होने वाली मुश्किलों का अंदाज स्वत: लगाया जा सकता है.

सीपीएम नेता नवीन चौधरी ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अस्पताल में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय. साथ ही नियमित जलापूर्ति, खराब नलों की मरम्मत होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि मरीजों और अस्पताल आने वाले लोगों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके.

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