Mansi Chess Training Camp: मानसी. एक तरफ बच्चों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया जा रहा था, तो दूसरी तरफ शतरंज की बिसात पर वे धैर्य और एकाग्रता की चाल सीख रहे थे. मानसी नगर पंचायत के एकनिया मध्य विद्यालय में शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में जागरूकता और खेल को एक साथ जोड़कर बच्चों के बीच सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया गया.
नशा मुक्त भारत जागरूकता अभियान के तहत आयोजित नशा मुक्ति संवाद में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गयी. कार्यक्रम के दूसरे सत्र में बच्चों को नि:शुल्क शतरंज प्रशिक्षण दिया गया. करीब 30 छात्र-छात्राओं ने प्रशिक्षण में हिस्सा लिया.
नशे से दूर रहने के साथ स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
कार्यक्रम का आयोजन नशा मुक्त भारत के संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम कुमार यशवंत के नेतृत्व में किया गया. संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया.
बच्चों को बताया गया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है. कम उम्र में सही आदतों का विकास आगे के जीवन में भी सकारात्मक असर डाल सकता है. इसी सोच के साथ बच्चों को नशे से दूर रहने और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया गया.
शतरंज की बिसात पर शुरू हुई दूसरी सीख
जागरूकता कार्यक्रम के बाद दूसरे सत्र में बच्चों के लिए नि:शुल्क शतरंज प्रशिक्षण शुरू हुआ. प्रशिक्षण में प्रशिक्षुओं को शतरंज के प्रारंभिक गेम और मिडिल गेम की विभिन्न चालों की जानकारी दी गयी.
बच्चों ने शतरंज की बिसात पर मोहरों की चाल, रणनीति और खेल के दौरान अगले कदम के बारे में सोचने की प्रक्रिया को समझा. खेल के जरिए बच्चों को मनोरंजन के साथ सोचने और निर्णय लेने का अभ्यास कराने पर जोर दिया गया.
प्रेम कुमार यशवंत ने कहा कि शतरंज की पहली सीख शांत और एकाग्रचित होकर बैठना है. उनके अनुसार बच्चे यदि एक-दो घंटे शतरंज खेलते समय एकाग्र होकर बैठने की आदत विकसित करते हैं, तो पढ़ाई-लिखाई समेत दूसरे सकारात्मक कार्यों को भी बेहतर ढंग से पूरा करने में इसका फायदा मिल सकता है.
एकाग्रता और धैर्य विकसित करने में मददगार है शतरंज
प्रेम कुमार यशवंत ने कहा कि शतरंज बच्चों में एकाग्रता, धैर्य और सोचने-समझने की क्षमता विकसित करने में सहायक है. खेल के दौरान किसी भी चाल को चलने से पहले उसके परिणाम के बारे में सोचना पड़ता है. यही प्रक्रिया बच्चों को धैर्य के साथ निर्णय लेने की आदत विकसित करने का अवसर देती है.
नशा मुक्ति संवाद और शतरंज प्रशिक्षण को एक ही कार्यक्रम में जोड़ने का मकसद भी बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना रहा. एक ओर जहां उन्हें नशे के नुकसान के बारे में बताया गया, वहीं दूसरी ओर खेल के माध्यम से रचनात्मक और मानसिक गतिविधि से जुड़ने का अवसर मिला.
Mansi Chess Training Camp: वार्ड पार्षद के सहयोग से चल रहा प्रशिक्षण
एकनिया मध्य विद्यालय में नि:शुल्क शतरंज प्रशिक्षण कार्यक्रम मानसी नगर पंचायत के वार्ड पार्षद डेविड कुमार के सहयोग से संचालित किया जा रहा है. प्रशिक्षण शिविर में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया.
मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक शंकर प्रसाद मंडल, शिक्षक उमेश कुमार निराला, नयन कुमार जोशी, अमन कुमार सहित करीब 30 प्रशिक्षु छात्र-छात्राएं मौजूद थे.
विद्यालय परिसर में आयोजित इस पहल से बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल और जागरूकता से जुड़ने का अवसर मिला. शतरंज प्रशिक्षण आगे भी जारी रहने की स्थिति में बच्चों को नियमित अभ्यास के जरिए खेल की बुनियादी समझ विकसित करने का मौका मिलेगा.
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