पंडित का मुहूर्त ही नहीं, बल्कि कोर्ट मैरिज के लिए ऑनलाइन लेना होगा अपॉइंटमेंट

सरकार ने डिजिटल युग के साथ कदम मिलाते हुए कोर्ट मैरिज की पूरी प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया है.

डिजिटल युग में कोर्ट मैरिज प्रक्रिया में हुआ बदलाव

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आवश्यक सभी दस्तावेज शादी की तय तिथि से पहले पोर्टल पर करना होगा अपलोड खगड़िया. डिजिटल युग में अब शादी के लिए सिर्फ पंडित का मुहूर्त ही काफी नहीं है. बल्कि कोर्ट मैरिज के लिए आपको ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी लेना होगा. सरकार ने डिजिटल युग के साथ कदम मिलाते हुए कोर्ट मैरिज की पूरी प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव किया है. अब जमीन की रजिस्ट्री या फिर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की तरह ही कोर्ट मैरिज के इच्छुक जोड़ों को भी पहले e-nibandhan.bihar.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना होगा. इससे पूर्व आवेदन भी इसी पोर्टल के माध्यम से होगा. आवश्यक सभी दस्तावेज शादी की तय तिथि से पहले पोर्टल पर अपलोड करना होगा. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार होने वाले नव दंपति खुद या किसी साइबर कैफे के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. यह कदम शादी की प्रक्रिया को और भी पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे लोगों को अनावश्यक भाग दौड़ और इंतजार से मुक्ति मिलेगी. यह नया नियम कोर्ट मैरिज को और भी व्यवस्थित और आधुनिक बनायेगा, जिससे समय की बचत होगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.

कार्यालय का चक्कर लगाये बिना मिलेगी शादी की तिथि

पहले की तुलना में अब शादी के रजिस्ट्रेशन कराने के के लिए आवेदन करना काफी आसान हो गया है. ई-निबंधन पोर्टल पर इससे जुड़ी तमाम जानकारियां उपलब्ध है. वकील या फिर ऑफिस का चक्कर लगाये बिना सीधे दूल्हा-दुल्हन ऑनलाइन आवेदन कर शादी की तिथि प्राप्त कर सकते हैं.

ऐसे काम करेगी नई डिजिटल व्यवस्था

ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य : कोर्ट मैरिज के इच्छुक जोड़ों को शादी से कम से कम एक महीने पहले जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा.

30 दिनों बाद अपॉइंटमेंट

आवेदन जमा होने के 30 दिनों बाद, पोर्टल पर उपलब्ध शुभ मुहूर्त के अनुसार उन्हें ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना होगा.

गवाहों की पहचान

शादी के दिन दूल्हा-दुल्हन के साथ दोनों पक्षों से एक-एक व्यक्ति और एक तीसरा गवाह भी होना जरूरी है. जो दोनों पक्षों को जानता हो. तीनों लोगों की तस्वीर भी पोर्टल पर अपलोड होगी.

आधार केवाईसी जरूरी

दूल्हा-दुल्हन और तीनों गवाहों का आधार कार्ड के जरिए ई-केवाईसी सत्यापन किया जायेगा. सत्यापन नहीं होने की स्थिति में ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट मिलने के बाद भी शादी करना मुश्किल होगा.

हाथों-हाथ मिलेगा सर्टिफिकेट

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल पर फोटो खींचकर संपन्न की जायेगी और विभाग की तरफ से हाथों-हाथ शादी का सर्टिफिकेट जारी कर दिया जायेगा.

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By RAJKISHORE SINGH

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