Khagaria News: खगड़िया प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया. परबत्ता प्रखंड के अगुवानी घाट पर गुरुवार को जिलाधिकारी विक्रम विरकर और पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने संयुक्त निरीक्षण कर मेला तैयारियों का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, नाव परिचालन, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय और महिला चेंजिंग रूम जैसी व्यवस्थाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए.
अगुवानी घाट पर सुरक्षा और आवागमन व्यवस्था की समीक्षा
डीएम और एसपी ने मेला परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए सभी व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं.
उन्होंने कहा कि भीड़ के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करे.
दुकानों की होगी नई व्यवस्था, बैरिकेडिंग होगी मजबूत
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मेला क्षेत्र में लगने वाली दुकानों को सुव्यवस्थित और पुनर्व्यवस्थित करने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं के रास्ते में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो.
इसके साथ ही बैरिकेडिंग व्यवस्था को और मजबूत, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और महिला श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी चेंजिंग रूम बनाने के निर्देश भी दिए गए.
शौचालय और साफ-सफाई पर विशेष जोर
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डीएम ने अस्थायी शौचालयों के निर्माण और उनकी नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर रहनी चाहिए ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
नाव परिचालन पर रहेगा कड़ा नियंत्रण
गंगा नदी मार्ग से होने वाले आवागमन की समीक्षा करते हुए डीएम और एसपी ने नाव परिचालन के सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नावों के परिचालन क्षेत्र की स्पष्ट मार्किंग, सुरक्षित चढ़ने-उतरने वाले घाटों की पहचान, प्रत्येक नाव की निर्धारित यात्री क्षमता का पालन, सभी नावों पर आवश्यक सुरक्षा उपकरण और लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए.
प्रशासन का कहना है कि श्रावणी मेला के दौरान नदी मार्ग से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा करते हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
विभागों को समय पर तैयारी पूरी करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं.
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मेला अवधि के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए.
बाढ़ सुरक्षा तैयारियों की भी हुई समीक्षा
इसी दिन समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक भी की.
बैठक में योजना, भवन निर्माण, पथ निर्माण, लघु सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी प्रमंडल, बुडको, सिविल सर्जन, जिला पंचायत राज और ग्रामीण कार्य विभाग सहित कई विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई.
तटबंधों पर विशेष निगरानी के निर्देश
डीएम ने बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि वे स्वयं नियमित रूप से तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण करें.
उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील तटबंधों पर विशेष चौकसी रखी जाए और किसी भी प्रकार के रिसाव, क्षति या असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल उपलब्ध कराई जाए.
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी विकास योजनाओं और बाढ़ सुरक्षा संबंधी कार्यों की नियमित समीक्षा जारी रहेगी.
