जिंदगी व मौत के बीच झूल रही

लापरवाही. दिव्य नर्सिंग होम में ऑपरेशन बाद पिंकी की आंत में इन्फेक्शन जिंदगी बचाने की आस में कर्ज लेकर निजी नर्सिंग होम में भरती हुई पिंकी देवी जिंदगी व मौत से जूझ रही हैं. दिव्य नर्सिंग होम में गलत ऑपरेशन के कारण उसका पेशाब व पैखाना बंद हो गया है. खगड़िया : डिलवरी के लिए […]

लापरवाही. दिव्य नर्सिंग होम में ऑपरेशन बाद पिंकी की आंत में इन्फेक्शन

जिंदगी बचाने की आस में कर्ज लेकर निजी नर्सिंग होम में भरती हुई पिंकी देवी जिंदगी व मौत से जूझ रही हैं. दिव्य नर्सिंग होम में गलत ऑपरेशन के कारण उसका पेशाब व पैखाना बंद हो गया है.
खगड़िया : डिलवरी के लिए पहुंची पिंकी देवी को क्या मालूम था कि वह क्लिनिक में नहीं बल्कि मौत के सौदागर के चंगुल में फंसने जा रही हैं. जहां जिंदगी बचाने के नाम पर मौत का कारोबार चल रहा है. गोगरी के मुश्कीपुर कोठी में संचालित दिव्य नर्सिंग होम में 19 अगस्त से लेकर अब तक गौछारी की रहने वाली पिंकी देवी का तीन-तीन बार ऑपरेशन किया जा चुका है.
इसके एवज में 20 हजार रुपये लिये गये. अचानक पेशाब-पैखाना बंद हो जाने पर क्लिनिक में पहुंचने पर उसे पटना में लाकर भरती करवा दिया गया. यहां डॉक्टर साहब कह रहे हैं कि इन्फेक्शन के कारण आंत चिपक गया है. बड़े ऑपरेशन की जरूरत पड़ेगी. उधर, पीड़िता के परिजन के अनुसार पिंकी की स्थिति नाजुक रहने के कारण रविवार को एक और ऑपरेशन किया जायेगा.
इधर, स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण गली-मोहल्ले में कुकुरमुत्ते की तरह खुल गये निजी क्लिनिक में मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ का दौर जारी है.
बोर्ड पर बिक रहे डॉक्टर के नाम:
गोगरी अनुमंडल के मुश्कीपुर कोठी में संचालित दिव्य नर्सिंग होम में बीते 19 अगस्त को प्रसव के लिए आयी गौछारी की पिंकी का गलत ऑपरेशन कर दिये जाने के कारण वह तड़प रही है. पीड़ित महिला का पेशाब-पैखाना सब बंद है. कई दिनों से कुछ खा-पी नहीं पा रही है. उसकी स्थिति दिन ब दिन बिगड़ती ही जा रही है.
जांच हो तो डिग्री की सच्चाई से लेकर फर्जी क्लिनिक के कारोबार में अहम सुराग हाथ लग सकते हैं. इधर, महिला के ऑपरेशन की जद में आये डॉ सचिन कुमार गौतम ने कहा कि वह तो कभी कभी दिव्य नर्सिंग होम में जाकर इलाज करते हैं. वह फिजिशियन हैं. उन्होंने पिंकी देवी का ऑपरेशन नहीं किया है.
इधर, क्लिनिक संचालक पिंकेश कुमार ने साफ तौर पर कहा कि डॉ गौतम ने ही पिंकी देवी का सिजेरियन किया था. मामला तूल पकड़ते देख गरदन फंसने के डर से दिव्य नर्सिंग होम के संचालक पिंकेश कुमार ने पीड़ित महिला पिंकी देवी को इलाज के लिये पटना के एक नर्सिंग होम में भरती करवा दिया है. जहां इलाज का सारा खर्च उठाने का झांसा देकर महिला को जुबान नहीं खोलने की हिदायत भी दी गयी है.
पीड़ित महिला इसी नर्सिंग होम में महिला का हुआ था इलाज .
मामला बिगड़ते देख क्लीनिक संचालक ने पटना के एक नर्सिंग होम में भरती करवा कर झाड़ा पल्ला
दिव्य नर्सिंग होम में जिंदगी के लिए पहुंची पिंकी मौत के करीब पहुंच गयी है. पटना के एक अस्पताल में तड़पती पिंकी खगड़िया में स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता व इलाज के नाम पर हो रहे कारोबार की पोल खोलने के लिए काफी है. इधर, प्रसव के दौरान ऑपरेशन के पांच दिन के बाद से ही पिंकी देवी के सिलाई वाले जख्म से पानी का रिसाव होने लगा़
वह महिला फिर नर्सिंग होम आयी़ जहां सात आठ दिनों तक ड्रेसिंग किया गया़ लेकिन दिन ब दिन स्थिति बिगड़ती ही जा रही थी. साथ ही पेट में दर्द होता रहा़ महिला ने फिर नर्सिंग होम के संचालक से इसकी शिकायत की़ एक बार फिर महिला को भरती कर ऑपरेशन वाले स्थान की सिलाई को खोल दिया गया. इस बीच महिला की हालत खराब होने लगी़ बताया जाता है कि इस बार तीन बार महिला का पेट खुला और सिलाई की गयी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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