आर्य कन्या उच्च विद्यालय में नियम कायदे को ताक पर रख कर विभिन्न पदों पर हुई बहाली में बिना जांच किये ही डीइओ ने करीब 37 लाख रुपये वेतन वितरण में फूंक डाले. अगर पूरे मामले की जांच हुई तो शिक्षा विभाग के कई अधिकारी से लेकर खगड़िया के कई सफेदपोश की गरदन फंस सकते हैं.
खगड़िया : आर्य कन्या उच्च विद्यालय में हुई बहाली में फर्जीवाड़ा के खुलासा बाद मामला तूल पकड़ लिया है. पूरे प्रकरण में डीएम ने डीइओ से 12 बिंदुओं पर जवाब मांगा है. बताया जाता है कि इन बिंदुओं का जवाब देने में डीइओ के पसीने छूट रहे हैं. इधर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मीडिया से दूरी, कोई भी सवाल का जवाब देने से कन्नी काटना दाल में काला की ओर इशारा कर रहा है. बताया जाता है कि अगर गहन जांच हुई तो डीइओ, डीपीओ स्थापना सहित विद्यालय प्रबंधन कमेटी सहित कई सफेदपोश की गरदन फंसने की प्रबल संभावना है. पूरे मामले में उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन भी किसी भी प्रकार की रियायत देने के मूड में नहीं है. इधर, डीएम जय सिंह के कड़े रुख से फर्जीवाड़ा के सहारे बहाला शिक्षक सहित अन्य पदों पर कब्जा जमाये लोगों में हड़कंप व्याप्त है.
नियुक्ति के 14 साल बाद योगदान
आर्य कन्या उच्च विद्यालय में हुई बहाली में फर्जीवाड़ा का आलम यह है कि महज आठ साल की उम्र में कोमल गोयनका को शिक्षिका पद पर बहाल कर दिया गया. इतना ही नहीं प्रभारी प्रधानाध्यापक की नाबालिग पुत्री भी शिक्षिका बनने में कामयाब रही. सबसे ताज्जुब की बात यह है वर्ष 2000 में नियुक्ति के 14 साल बाद दो शिक्षिकाओं ने योगदान दिया और स्कूल सहित शिक्षा विभाग ने उसे स्वीकार भी कर लिया.
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर नियुक्ति के 14 साल बाद योगदान क्यों दिया गया? इतने दिनों तक नियुक्त कर्मी कहां थे? ऐसे कई सवाल हैं जो गड़बड़ी की पोल खोलने के लिये काफी हैं. बता दें कि ना कोई विज्ञापन और ना ही कोई सूचना लेकिन आर्य कन्या उच्च विद्यालय खगड़िया में 50 से अधिक शिक्षक-लिपिक-चपरासी की बहाली कर लिया गया. इतना ही नहीं शिक्षा विभाग ने आंख मूंद कर करीब 37 लाख रुपये इन फर्जी कर्मचारियों को वेतन देने में फूंक डाले. बताया जाता है कि विद्यालय प्रबंध कार्यकारिणी समिति के सचिव, प्रधानाध्यापक, सदस्यों की मिलीभगत से विभिन्न पदों पर हुई बहाली में अपने सगे संबंधियों को बहाल करवाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा गया.
मामला आर्य कन्या उच्च विद्यालय में शिक्षक सहित विभिन्न पदों पर नियुक्ति में गोलमाल का
शिक्षा विभाग के डीइओ, डीपीओ स्थापना से लेकर प्रबंधन कमेटी पर कस सकता है शिकंजा
डीएम ने आर्य कन्या उच्च विद्यालय में बहाली में गड़बड़ी को ले डीइओ से 12 बिंदुओं पर मांगा जवाब,
वर्ष 2000 में नियुक्ति के 14 साल बाद 2014 में संबंधित कर्मी ने किया विद्यालय में योगदान
नियम-कायदे को ताक पर रख कर हुई शिक्षक-आदेशपाल बहाली में गड़बड़ी के सारे रिकार्ड टूटे
आंख मूंद कर फर्जीवाड़ा के आधार पर हुई बहाली पर लगाया मुहर, कर दिया वेतन भुगतान
स्कूल में हुई बहाली में फर्जीवाड़ा प्रकरण में फंसेंगे अधिकारी से लेकर सफेदपोश तक की गरदन
डीएम ने डीइओ से इन बिंदुओं पर मांगा जवाब
