मनमानी. निरीक्षण के दौरान गायब मिलीं थी एएनएम, तो सीएस ने काट दी थी हाजिरी
खगड़िया : अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा पर तैनात एक एएनएम ने दबंगई दिखाते हुए सिविल सर्जन द्वारा काटी गयी हाजिरी जबरदस्ती बना लिया है. बीते नौ अगस्त को सीएस डॉ अरुण कुमार सिंह ने अलौली पीएचसी के निरीक्षण के दौरान ड्यूटी से गायब एएनएम सीमा कुमारी की हाजिरी काटी थी, लेकिन सीएस की इस कार्रवाई से बेफिक्र एएनएम ने जबरदस्ती हाजिरी बना लिया. इसका खुलासा पीएचसी प्रभारी द्वारा सिविल सर्जन को भेजी गयी रिपोर्ट में हुआ है. इधर, सीएस को भेजी गयी रिपोर्ट में संगणक मनीष कुमार, लेखापाल सह प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक चेतन शर्मा आदि की लापरवाही व हेराफेरी का जिक्र करते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है.
पहले भी हुए हैं ऐसे कारनामे
स्वास्थ्य विभाग में वरीय अधिकारियों द्वारा काटी गयी हाजिरी जबरदस्ती बनाने का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ रासबिहारी सिंह के समय ऐसा ही मामला उजागर हुआ था. उस वक्त भी निरीक्षण के दौरान गायब कई कर्मचारियों द्वारा जबरदस्ती हाजिरी बना कर मजे से वेतन उठाने का मामला प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की फजीहत हुई थी, लेकिन मैनेज संस्कृति के सहारे पूरा मामला दबा दिया गया. एक बार फिर सीएस डॉ अरुण कुमार सिंह द्वारा काटी गयी हाजिरी एएनएम सीमा कुमारी द्वारा जबरदस्ती बनाने के खुलासा बाद पीएचसी प्रशासन कटघरे में है.
मौज कर रहे संगणक
पीएचसी प्रभारी द्वारा सीएस को भेजी गयी रिपोर्ट में संगणक सह कैशियर मनीष कुमार की हेराफेरी पर से परदा हटाते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की है. बीते दिनों कैशियर श्री कुमार द्वारा सरकारी राशि 4650 रुपये सरकारी खाता में जमा करने की बजाय खुद की जेब में रखने के खुलासा बाद स्पष्टीकरण पूछा गया था, जिसका जवाब टालमटोल वाला मिलने के बाद पीएचसी प्रभारी डॉ संजीव कुमार ने इसे असंतोषजनक मानते हुए सीएस से कार्रवाई की अनुशंसा की है. इनके द्वारा न सेवापुस्त अद्यतन किया गया था और न ही निर्गत किये गये चेक की चर्चा रोकड़ पंजी में की गयी.
ड्यूटी में तैनात डॉक्टर भी कम दोषी नहीं
बिना इलाज के ही प्रसूता को कर दिया था रेफर
बीते दिनों प्रसूता को बिना इलाज किये अस्पताल से बाहर निकाले जाने का मामला तूल पकड़ने के बाद भले ही दो एएनएम को दूसरे प्रखंडों में तबादला कर दिया गया हो लेकिन इस मामले में उस वक्त ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक भी कम दोषी नहीं है. अमूमन ड्यूटी के वक्त खासकर रात में मरीजों के इलाज की बजाय आराम फरमाने में मशगूल रहने वाले चिकित्सक पर शिकंजा नहीं कसे जाने से कई सवाल उठते रहे हैं. बीते दिनों प्रसव के लिये आयी जमजम खातून का इलाज किये बिना ही रेफर कर दिये जाने के मामले में डॉ मुकेश कुमार पर भी शिकंजा कसे जाने की मांग उठने लगी है.
इधर, सूत्रों की मानें तो फजीहत होते देख डॉ मुकेश पर शिकंजा कसे जाने की तैयारी है.
नौ अगस्त को सिविल सर्जन के निरीक्षण में गायब एएनएम की काटी गयी थी हाजिरी
अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी द्वारा सिविल सर्जन को भेजे गये रिपोर्ट में हुआ खुलासा
संगणक की हेराफेरी उजागर होने के बाद पूछे गये स्पष्टीकरण का जवाब असंतोषजनक
प्रसव पीड़िता को अस्पताल से बाहर निकालने के मामले में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई
काटी गयी हाजिरी बनाना गंभीर मामला
ड्यूटी से गायब रहने पर काटी गयी हाजिरी जबरदस्ती बना लिया जाना गंभीर मामला है. अलौली पीएचसी प्रभारी द्वारा भेजे गये पत्र के आलोक में जल्द ही दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई होगी. इलाज में लापरवाही हो या सरकारी राशि की हेराफेरी. ऐसे मामलों में दोषी को बख्शा नहीं जायेगा.
डाॅ अरुण कुमार सिंह, सिविल सर्जन
