गोगरी : प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के बीपीएल श्रेणी के लोगों को समय पर कफन के भी पैसे नहीं मिल पा रहे हैं. सरकार दाह-संस्कार के लिए पैसे उपलब्ध कराने में विफल हो रही है. गरीबों को अपने परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर अपने जेब से अथवा कर्ज लेकर दाह-संस्कार करना पड़ता है. इसके बाद मुखिया के यहां कफन के पैसे के लिए दौड़ लगाना पड़ता हैं.
अधिकांश बार मुखिया द्वारा यह कह कर लौटा दिया जाता है कि कबीर अंत्येष्टि योजना मद में पंचायत के खाते में एक पैसा भी उपलब्ध नहीं है. बता दें कि उक्त योजना के तहत मृतक के परिजन को नकद तीन हजार मिलता है. इटहरी पंचायत के मुखिया रजिया देवी ने बताया कि पूर्व मुखिया के कार्यकाल से ही कफन के लिए आवंटन नहीं मिला है.
