शहादत पर याद किये गये इरशाद अली 2002 में राजस्थान में भारत-पाक सरहद पर हुए थे शहीदफोटो है 1 मेंकैप्सन- शहीद को श्रद्धांजलि देते लोग 2002 में भारत पाक सीमा पर शहीद हुए थे वीर इरशाद परबत्ता. प्रखंड के कुल्हरिया गांव में बुधवार को गांव के अमर वीर सपूत इरशाद अली की शहादत दिवस पर इलाके के लोगों ने उन्हें याद किया. शहीद के परिजनों समेत गांव के लोगों ने उनके कब्र पर जाकर दुख फातिहा की रस्म अदा की. मौके पर सार्वजनिक भोनू कुताय बालिका उच्च विद्यालय के प्रधान शशि शेखर झा, देवेन्द्र कुमार साह, मनोज कुमार, प्रकाश पंडित, इमरान अली समेत सैकड़ों छात्र छात्राओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किये. शहीद लांस नायक इरशाद अली 12 जनवरी, 2002 को राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सरहद पर चौकसी करते हुए बारूदी सुरंग के विस्फोट में देश की सीमा की रक्षा करते हुए शहीद हो गये थे. कुल्हरिया गांव में पांच जनवरी 1968 को इरशाद अली का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ था. तीन भाइयों तथा दो बहनों में दूसरे इरशाद अली की आरंभिक शिक्षा दीक्षा जगन्नाथ राम उच्च विद्यालय सलारपुर में हुई थी. कोसी कॉलेज में पढ़ाई करते हुए वे कृषि बाजार समिति में लगाये गये सेना की भरती शिविर में चयनित होकर विशेष प्रशिक्षण के लिए बेंगलुरु चले गये. प्रशिक्षण के बाद उन्होंने थल सेना के बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप में ड्राफ्टमेंन के रूप में पदभार संभाला. इरशाद बचपन से ही नेकदिल व शांतचित्त इंसान थे. भारत के स्वतंत्रता संग्राम में पुराने मुंगेर जिला का परबत्ता प्रखंड का अतुलनीय योगदान रहा. वहीं स्वतंत्रता के बाद भी बलिदान देने की इस परंपरा को कुल्हरिया के इरशाद अली, मुरादपुर के अरविन्द झा जैसे वीर सपूतों ने जिंदा रखा. आज भी प्रखंड के लोग अपने वीर सपूत की कुबार्नी को प्रति वर्ष याद कर गर्व महसूस करते हैं.
शहादत पर याद किये गये इरशाद अली
शहादत पर याद किये गये इरशाद अली 2002 में राजस्थान में भारत-पाक सरहद पर हुए थे शहीदफोटो है 1 मेंकैप्सन- शहीद को श्रद्धांजलि देते लोग 2002 में भारत पाक सीमा पर शहीद हुए थे वीर इरशाद परबत्ता. प्रखंड के कुल्हरिया गांव में बुधवार को गांव के अमर वीर सपूत इरशाद अली की शहादत दिवस पर […]
