बरामदे पर पढ़ने को विवश है स्कूली बच्चे प्रतिनिधि, गोगरीक्षेत्र के गोगरी पंचायत के मध्य विद्यालय ब्राह्मण टोला में भवन अभाव के कारण बच्चों के पठन पाठन पर गहरा असर पर रहा है. हाल यह है कि भवन अभाव के कारण बच्चों को बरामदे की फर्श पर बैठ कर शिक्षा ग्रहण करने की मजबूरी बनी हुई है. जिसे देख गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की बात करना बेमानी लगती है. जानकारी के अनुसार उक्त विद्यालय में चार सौ से उपर बच्चे नामांकित हैं तथा यहां वर्ग एक से आठ तक के बच्चों की पढाई होती है. परंतु भवन के नाम पर यहां वर्षों पूर्व बना मात्र तीन छोटे-छोटे कमरे हैं. जिसमें किसी तरह वर्ग 6, 7, एवं 8 के बच्चों की पढाई होती है. जबकि वर्ग एक से पांच तक के बच्चे बरामदे की फर्श पर बैठ कर पढाई करते हैं. ऐसी सुरत में गुणवत्ता पुर्ण शिक्षा का अंदाजा लगना मुश्किल नहीं है. सबसे ज्यादा परेशानी तो बरसात के दिनों में होती है. जब बारिश की बौछार में बरामदा भींग जाता है और अधिक वर्षा होने पर बरामदे व प्रांगण में पानी जमा हो जाता है. तब मजबूरन एक से पांच तक के बच्चों को छुट्टी देनी पड़ती है. कहते है स्थानीय लोगस्थानीय लोगों के अनुसार विद्यालय में भवन की कमी को लेकर कई बार अधिकारियों को सूचना दी गयी है. कहते है प्रधानाध्यापक प्रधानाध्यापक जीवन झा ने बताया कि विद्यालय में भवन की कमी के कारण परेशानी हो रही इसे लेकर अधिकारियों को जानकारी दी गई है. जमीन अभाव के कारण भवन निर्माण में बाधा आ रही है.
बरामदे पर पढ़ने को विवश है स्कूली बच्चे
बरामदे पर पढ़ने को विवश है स्कूली बच्चे प्रतिनिधि, गोगरीक्षेत्र के गोगरी पंचायत के मध्य विद्यालय ब्राह्मण टोला में भवन अभाव के कारण बच्चों के पठन पाठन पर गहरा असर पर रहा है. हाल यह है कि भवन अभाव के कारण बच्चों को बरामदे की फर्श पर बैठ कर शिक्षा ग्रहण करने की मजबूरी बनी […]
