बैंकों की साख पर सवाल

विभिन्न बैंकों शाखाओं के विरुद्ध प्राप्त लगभग सौ आवेदनों की जांच चल रही खगड़िया : एक समय था कि जब जनता दरबार में इक्के दुक्के लोग ही बैंकों की शिकायत करने आते थे. पर, अब बैंकों की शिकायतों का अंबार लग गया है. इससे बैंकों की साख पर ही सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल जो […]

विभिन्न बैंकों शाखाओं के विरुद्ध प्राप्त लगभग सौ आवेदनों की जांच चल रही

खगड़िया : एक समय था कि जब जनता दरबार में इक्के दुक्के लोग ही बैंकों की शिकायत करने आते थे. पर, अब बैंकों की शिकायतों का अंबार लग गया है. इससे बैंकों की साख पर ही सवाल उठने लगे हैं. फिलहाल जो स्थिति उत्पन्न हुई है, उससे अधिकारी भी परेशान हैं. बैकों की बढ़ रही शिकायतों के कारण अब डीएम के प्रत्येक जनता दरबार में बैंकों से संबंधित शिकायतें सुनने के लिए एलडीएम को बुलाया जाता है.
जानकारों की मानें तो लगभग विभिन्न बैंकों के शाखाओं के विरुद्ध ंप्राप्त लगभग सौ आवेदनों की जांच चल रही है. ये सभी शिकायतें डीएम के जनता दरबार के अलावे राज्य स्तर पर दर्ज हैं. जिसे शिकायत कोषांग के माध्यम से एलडीएम को जांच के लिए भेजा गया है.
लगाये गये है गंभीर आरोप : सूत्र के माने तो कई शिकायतकर्ताओं ने सीधे रुप से शाखा प्रबंधक पर ऋण देने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है. कुछ ने ऋण के लिए शाखा प्रबंधक द्वारा बैंक का चक्कर लगवाने की शिकायत की है, तो कुछ ने ऋण माफ नहीं करने की शिकायत. सूत्र की मानें तो बिहार ग्रामीण बैंक, एसबीआइ, यूनियन बैंक, केनरा बैंक के अलावे अन्य कई बैंकों के विरुद्ध शिकायतें की गयी हैं.
एलडीएम सजल चटराज ने बताया कि जनता दरबार में बैंकों से संबंधित शिकायतों की जांच उन्हेंं सौंपी गयी है. जिस बैंक की शिकायतें प्राप्त होती हैं उस बैंक के जिला समन्वयक को आवेदन भेज दिया जाता है तथा उनसे जांच कर रिपोर्ट मांगी जाती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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