गंगा पुल नर्मिाण ने पकड़ी रफ्तार

गंगा पुल निर्माण ने पकड़ी रफ्तारभू-धारियों के विरोध के स्वर भी हुए तेजजमीन का मुआवजा देने तक काम रोकने की धमकीप्रशासन ने मांगा जमीन के दावे का प्रमाण फोटो है 3,4,5 व 6 मेंकैप्सन- बनाया जा रहा एप्रोच पथ, हो रहा पिलर का निर्माण, पानी में की जा रही पाइलिंग व गंगा किनारे काम करते […]

गंगा पुल निर्माण ने पकड़ी रफ्तारभू-धारियों के विरोध के स्वर भी हुए तेजजमीन का मुआवजा देने तक काम रोकने की धमकीप्रशासन ने मांगा जमीन के दावे का प्रमाण फोटो है 3,4,5 व 6 मेंकैप्सन- बनाया जा रहा एप्रोच पथ, हो रहा पिलर का निर्माण, पानी में की जा रही पाइलिंग व गंगा किनारे काम करते कर्मी. प्रतिनिधि, परबताप्रखंड के दक्षिणी छोर पर गंगा नदी के ऊपर अगुवानी-सुलतानगंज घाट के बीच बनाये जा रहे पुल का निर्माण तेजी से चल रहा है. करीब डेढ़ दर्जन पिलरों पर दिन रात काम किया जा रहा है. इसके अलावा गंगा की मुख्य धारा में भी पिलर बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं. इसके लिये सभी आवश्यक व्यवस्था की जा रही है. गंगा की मुख्यधारा में पिलर संख्या नौ को बनाने के लिए मिट्टी भरकर रास्ता बनाया जा रहा है. एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मी एवं इंजीनियर निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं. इस बीच निर्माण स्थल के भूमि का अधिग्रहण नहीं होने के कारण भू-धारियों, दखलकारों तथा अन्य दावेदारों द्वारा अपना पक्ष रखते हुए जमीन का मुआवजा मिलने तक निर्माण को रोकने के लिए वैधानिक तरीके से विरोध करने का समाचार भी प्राप्त हो रहा है.भू-धारियों ने जताया विरोधपुल निर्माण के साथ साथ भू-धारियों का विरोध भी बढ़ता जा रहा है. डुमड़िया बुजुर्ग के एक दर्जन से अधिक भू-धारियों ने अपने जमीन पर अवैध तरीके से पुल निर्माण कराये जाने का विरोध करते हुए अंचल अधिकारी तथा अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन दिया है. ग्रामीण राजीव कुमार मिश्र,अजय कुमार सिंह, संजीव कुमार, अखिलेश प्रसाद सिंह, सुमन कुमार मिश्र, अरुण मिश्र, सुधेश हजारी, विष्णुदेव मिश्र, ब्रजेश मिश्र द्वारा सीओ को दिये गये आवेदन में कहा गया है कि मौजा पटपर तेमथा तथा तोफिर तप्पा में उनकी खतियानी जमीन पर एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा अनाधिकृत तरीके से पुल का निर्माण कराया जा रहा है. इस कारण सभी रैयती एवं खतियानी जमीन वालों में रोष है. किसानों ने खेसरा नंबर देते हुए नये भूमि अधिग्रहण विधेयक 2014 के प्रावधानों के अनुसार जमीन का मुआवजा मिलने तक निर्माण रोकने का आग्रह किया है. आवेदकों ने सीओ को दिये गये आवेदन में मौजा तोफिर तप्पा के खेसरा संख्या 553, 554, 555, 556, 557 तथा 558 का जिक्र किया है.प्रशासन ने दिया मौकाबीते माह इस संबंध में सीओ ने दो दर्जन दावेदार भू-धारियों को अपने दावे के समर्थन में कागजात दिखाने के लिए 11 दिसंबर को कार्यालय में नोटिस देकर बुलाया था. अंचल कार्यालय का कहना है कि निर्धारित तिथि को आधे दावेदारों ने कार्यालय में उपस्थित होकर कागजात दिखाने के लिए एक सप्ताह का समय लिया. इनमें से अधिकांश अभी तक सक्षम कागजात के साथ उपस्थित नहीं हुए हैं. अंचल द्वारा पुन: दूसरा नोटिस किया जायेगा तथा कागजात उपस्थापित नहीं होने की स्थिति में सरकारी अभिलेखों में भूमि की स्थिति को देखकर अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी. महत्वाकांक्षी है यह परियोजनाबिहार सरकार की इस परियोजना को काफी महत्वाकांक्षी माना जाता है. इस परियोजना की लागत का आरंभिक मूल्यांकन 1710.77 करोड़ किया गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 23 फरवरी 2014 को परबत्ता के एमडी कॉलेज मैदान में इसका शिलान्यास किया था तथा 9 मार्च 2015 को मुरारका कॉलेज सुलतानगंज के मैदान से पुल निर्माण का कार्यारम्भ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया. इस पुल के निर्माण से उत्तर तथा दक्षिण बिहार के बीच का फासला काफी कम हो जायेगा. इसके अलावा प्रति वर्ष श्रावणी मेला में देवघर जाने वाले लाखों कांवरियों को इससे फायदा होगा. इस पुल तथा सड़क के निर्माण से एनएच 31 तथा एन एच 80 आपस में जुड़ जायेंगे. क्या होगी पुल की विशेषता फोर लेन पुल जिसमें दो- दो लेन का दो अलग-अलग पुल बनेगा गंगा की मुख्यधारा में पीलर की बजाय केबुल पर झूलता हुआ पुल होगा बीच के दो पिलरों के बीच 125 मीटर की दूरी होगीपुल की कुल लंबाई -3160 मीटर पुल का प्रकार – केबल स्टेड आधारित इन्टेलीजेन्ट ट्रॉफिक प्रणाली पहुंच पथ की लंबाई-25 किमी डॉल्फिन वेधशाला पुल प्रदर्शिनी एवं रेस्ट एरिया प्रकाश प्रणाली व्हेकिल अंडरपास रोटरी ट्रॉफिक 4़4 टॉल प्लाजा पैसेंजर अंडरपास

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