जनसंख्या विसंगतियों से प्रभावित हैं कई पंचायतें पंचायत चुनाव की वजह से पंचायतों के पुनर्गठन का मामला फिर लटकेगाप्रतिनिधि, परबत्ताप्रखंड की 22 पंचायतों में आधे से अधिक पंचायतें जनसंख्या विसंगति से प्रभावित हैं. प्रखंड में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की राशि का पंचायतों के बीच समान रूप से वितरण किया जाता है. ऐसे में अपेक्षाकृत अधिक जनसंख्या वाले पंचायतों में यह राशि कम पड़ जाती है. इस वितरण में पंचायतों के क्षेत्रफल का भी ध्यान नहीं रखा जाता है. पंचायतों के पुनर्गठन के समय से चली आ रही इस असमानता के अलावा इन दो दशकों में दूर दराज के गांवों से बाजार के निकट बसने की प्रवृत्ति के कारण प्रखंड मुख्यालय के आसपास की जनसंख्या में भारी बढ़ोतरी हुई. इस वृद्धि का असर इन पंचायतों के विकास पर अब पड़ने लगा हैं. पंचायतों की जनसंख्या के आंकड़ों को देखकर ही यह स्पष्ट हो जाता है कि विभिन्न पंचायतों की जनसंख्या के बीच बड़ा फासला है. पंचायतों का पुनर्गठन 2001 से पहले ही किया गया था. इन पन्द्रह वर्षों में जनसंख्या में काफी अंतर हो गया. राज्य सरकार ने पूर्व में यह निर्णय लिया था कि वर्ष 2001 में होने वाली जनगणना के आधार पर ही पंचायतों का पुनर्गठन होगा. वर्ष 2013 में राज्य सरकार के पंचायती राज मंत्री ने इस बाबत घोषणा भी की थी. पर, अगले वर्ष होने वाले पंचायत चुनाव की चल रही तैयारियों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि अब पुन: इन पंचायतों के पुनर्गठन का यह मामला अगले वर्षों के लिए टल गया. बहरहाल वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार, परबत्ता प्रखंड के विभिन्न पंचायतों की जनसंख्या इस प्रकार है. पंचायत जनसंख्याकोलवारा —————- 17315परबत्ता —————- 16789महदीपुर —————- 15523पिपरालतीफ ———— 15121सौढ दक्षिणी ———— 14195कुल्हरिया —————- 13035सियादतपुर अगुवानी – 12980जोरावरपुर ————– 12669लगार —————-12427देवरी —————- 11970कवेला ————— 11136सौढ़ उत्तरी ———— 10627माधवपुर ————- 10236खजरैठा ————- 10072रामपुर उर्फ रहीमपुर —- 9551वैसा ——————- 9208बन्देहरा —————— 8787गोविंदपुर ————— 7168भरसो —————— 6884तेमथा करारी ————– 6509दरियापुर भेलवा ———- 6195खीराडीह ————— 5669
जनसंख्या विसंगतियों से प्रभावित हैं कई पंचायतें
जनसंख्या विसंगतियों से प्रभावित हैं कई पंचायतें पंचायत चुनाव की वजह से पंचायतों के पुनर्गठन का मामला फिर लटकेगाप्रतिनिधि, परबत्ताप्रखंड की 22 पंचायतों में आधे से अधिक पंचायतें जनसंख्या विसंगति से प्रभावित हैं. प्रखंड में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की राशि का पंचायतों के बीच समान रूप से वितरण किया जाता है. ऐसे में अपेक्षाकृत अधिक […]
