खगड़िया. जिले में कई ऐसे जगह हैं, जहां सूख चूके पेड़ किसी बड़ी घटनाओं को निमंत्रण दे सकते हैं. लेकिन, इस ओर ना तो वन विभाग और न ही स्थानीय प्रशासन का ध्यान है. शहर के बखरी बस स्टैंड के ईस्लामपुर ढ़ाला के समीप, मथुरापुर-अलौली पथ, खगड़िया-गंगौर पथ, महेशखूंट-गोगरी मुख्य सड़क, आसपास के गांवों में बस्ती के बीच और सड़कों के किनारे सूखे पड़े हैं. बरसात व आंधी-तुफान के दिनों में इन सूखे पेड़ों के गिरने का खतरा प्रबल हो जाता है. बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग इन्हें कटवाने को लेकर संवेदनशील नहीं दिख रही. आंधी चलने से इन सूखे पेड़ों के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, ये पेड़ कभी भी सड़क पर गिर सकते हैं, जिससे सड़क पर आने-जाने वाले राहगीरों को क्षति भी हो सकती है. शहर के बखरी बस स्टैंड ईस्लामपुर ढ़ाला के समीप शहर के मुख्य मार्ग पर एक पेड़ के सूखा पड़ा हुआ है. वहीं मथुरापुर व टमटम स्टैंड के समीप पेड़ के सूखे कुछ टहनी सड़क की ओर तो कुछ टहनी बिजली तार की ओर झुकी हुयी है. मुख्य मार्ग होने की वजह से इस मार्ग पर रोजाना सैकड़ों बड़ी व छोटी वाहनों की आवाजाही होती है. साथ ही आस पास के दर्जनों गांवों के लोग बाजार में खरीदारी करने आते है. ऐसे में अगर समय रहते सूखे टहनियों को नहीं हटाया गया तो आने वाले दिनों में कभी भी कोई बड़ी घटना घट सकती है. मथुरापुर व गोगरी के स्थानीय ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को मामले की जानकारी दी गयी. लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुयी है. ईस्लामपुर निवासी मो. परवेज, समसुल व मथुरापुर निवासी संदीप पासवान, राजेश कुमार, प्रभात पटेल आदि ने बताया कि तेज हवा के दौरान पेड़ के सूखे टहनियों कभी भी गिर सकती है. बताया कि कई बार पेड़ के सूखे टहनियों को हटाने की मांग की है.
सड़क के किनारे पेड़ की सूखी डाली दे रही है हादसे को दावत
सड़क पर गिर सकते हैं, जिससे सड़क पर आने-जाने वाले राहगीरों को क्षति भी हो सकती है.
