प्रधानमंत्री के दरबार में संसारपुर की फरियाद फोटो है 7 मेंकैप्सन- जिलाधिकारी से मिलते सर्व दलीय कमेटी के लोग संसारपुर रेलवे केबिन पर रेल दुर्घटना में पीडि़त परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग -घटना बाद डीआरएम के हिटलरशाही रवैये सहित झूठा मुकदमा दर्ज करने से फूटा गुस्सा -ट्रेन व बाइक की टक्कर में पीडि़त परिवार को इंसाफ दिलाने आगे आये कई लोग – कई राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पीडि़त परिवार की मदद को बढ़ाये हाथ – सबने कहा, बंद ढाला होकर कैसे पार कर गये बाइक पर सवार चार लोग – लोगों ने कहा, अमानवीय व्यवहार करने वाले डीआरएम का तुरंत हो तबादला ———————पीएम को भेजे पर पत्र की मुख्य बातें * मंडल रेल प्रबंधक सोनपुर के अमानवीय व्यवहार व कर्तव्य मंे लापरवाही व दोषी कर्मी को संरक्षण देने के आरोप में तबादला किया जाये * मानसी-खगडि़या के बीच संसारपुर केबिन रेल हादसे की उच्चस्तरीय जांच हो * मृत बाइलक के परिजन को 25 लाख मुआवजा दिया जाय* घटना मंे अपाहिज पूरे परिवार के पुर्नवास व इलाज की व्यवस्था की खर्च दे रेल प्रशासन * संसारपुर रेलवे केबिन पर रोड ओवर ब्रिज बनाया जाय* रेलवे द्वारा दर्ज फरजी मुकदमा को वापस लिया जाये ———————संसारपुर रेल हादसा में पीडि़त की फरियाद प्रधानमंत्री दरबार तक पहुंच गया है. इस दर्द की घड़ी में पीडि़त की मदद को कई हाथ एक साथ बढ़े हैं. कई सामाजिक व राजनीतिक हस्तियों ने एकजुट होकर रेलवे खासकर डीआरएम के रवैये के खिलाफ मोरचा खोल दिया है और इंसाफ मिलने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है. इधर, सोनपुर डीआरएम के तबादले की मांग जोर पकड़ने लगी है.—————-खगडि़या. संसारपुर रेल फाटक हादसा की गूंज प्रधानमंत्री दरबार तक पहुंच गयी है. एक साथ मिले कई दर्द से जूझ रहे पीडि़त परिवार की मदद के लिये कई हाथ बढ़े हैं. शनिवार को कई राजनीतिक व सामाजिक हस्तियों ने एकजुट होकर रेलवे के खिलाफ मोरचा खोलते हुए प्रधानमंत्री को पत्र भेज कर घटना की जानकारी दी गयी है. पत्र में डीआरएम के तबादले की मांग घटना बाद पहुंचे सोनपुर के डीआरएम पर तानाशाही रवैया अपनाने से लोगों में जबरदस्त गुस्से का जिक्र करते हुए पत्र में उनके तुरंत लबादले की मांग की गयी है. साथ ही कई गंभीर आरोप रेल प्रशासन पर लगाये गये हैं. पीएम के नाम भेजे गये पत्र मंे एक बार फिर कहा गया है कि घटना होने का मुख्य कारण ढाला खुला होना है. जिसमें दस वर्षीय प्रियांशु की मौत के अलावा पूरा परिवार अपाहिज हो गया. लेकिन रेलवे हिटलरशाही पर उतारू है.———— सवालों के घेरे में रेल प्रशासन बंद ढाला होकर बाइक पर सवार चार लोग कैसे पार कर सकते हैं? मौके पर मौजूद जिला प्रशासन की रिपोर्ट में ढाला खुला होने का जिक्र है. लेकिन रेल प्रशासन बिना जांच के ही पूरी घटना के लिये पीडि़त परिवार को ही कसूरवार ठहरा रहा है. इधर, घटना बाद हंगामा मंे अस्पताल में भरती राजेश भगत को मुख्य आरोपी बनाने से रेलवे की पोल खुल गयी है. लोगों ने कहा है कि ऐसे मंे दोषी के अलावा उसे बचाने वाले रेल अधिकारी पर भी कार्रवाई होनी चाहिये. साथ ही पीडि़त परिवार को मुआवजा दिया जाना चाहिये. ———————-रेलमंत्री को भी भेजा खत प्रधानमंत्री के अलावा रेलमंत्री, रेल राज्य मंत्री, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, सांसद महबूब अली कैसर, सांसद पप्पू यादव, रेलवे जीएम को पत्र की प्रतिलिपि भेज कर हस्तक्षेप कह अपील की गयी है ताकि पीडि़त परिवार को इंसाफ मिल सके. सीपीआई के जिला सचिव संजीव कुमार, प्रफुल्ल चन्द्र घोष, ई धमेन्द्र कुमार, प्रभाकर, संजय सिंह, हम पार्टी के जिलाध्यक्ष संजय यादव, जदयू के जिला उपाध्यक्ष बबलू मंडल, भाजपा जिला महामंत्री शत्रुध्न प्रसाद, युवा शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष नागेन्द्र सिंह त्यागी सहित कई राजनीतिक व सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर युक्त पत्र में पीडि़त परिवार को इंसाफ की गुहार लगायी गयी है.
प्रधानमंत्री के दरबार में संसारपुर की फरियाद
प्रधानमंत्री के दरबार में संसारपुर की फरियाद फोटो है 7 मेंकैप्सन- जिलाधिकारी से मिलते सर्व दलीय कमेटी के लोग संसारपुर रेलवे केबिन पर रेल दुर्घटना में पीडि़त परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग -घटना बाद डीआरएम के हिटलरशाही रवैये सहित झूठा मुकदमा दर्ज करने से फूटा गुस्सा -ट्रेन व बाइक की टक्कर में पीडि़त परिवार […]
