अतिक्रमण से शहर को नहीं मिल रही मुक्तिफोटो है 1 व 2 मेंकैप्सन- गोगरी एसडीओ व सड़क पर लगा जाम का दृश्य गोगरीशहर में दिन प्रतिदिन अवैघ रूप से अतिक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है. इसके कारण शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अतिक्रमणकारियों का हौसला इतना बुलंद है कि पदाधिकारी रास्ते गुजरते रहते हैं और लोग लोग अपनी दुकान सड़क पर लगाये रहते हैं. इन्हें जरा सा भी भय प्रशासन से नहीं है. कहां-कहां है अतिक्रमणकारियों का कब्जागोगरी अनुमंडल मुख्यालय की हृदय स्थली माने जा रहे जमालपुर बाजार के गांधी चौक ,मालीटोला चौक से लेकर अशोक चौक व भगत सिंह चौक तक सड़कों पर दुकानदार अतिक्रमण कर अपनी दुकान लगाये रहते हैं. इसके कारण हर रोज शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न रहती है. लोगों को बाजार में काफी परेशानी होती है. यही नहीं निजी विद्यालय के बच्चे छुट्टी के बाद जाम में घंटों देर तक फंसे रहते हैं. हालांकि जाम सहित अतिक्रमण की समस्या पर अनुमंडल प्रशासन द्वारा कई बार कार्रवाई भी की गयी. लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति जस की तस हो जाती है. जाम से निजात पाने के लिए राम जानकी ठाकुरबाड़ी परिसर में हाट लगाने की व्यवस्था की गयी थी, लेकिन सख्ती के अभाव में बाजार में दुर्गा पूजा से ही फिर सड़क पर दुकान सजने लगी. हाट की बंदोबस्ती के बाद फुटपाथी दुकानदारों ने इसके विरोध में आंदोलन करना शुरू किया, और अभियान को बंद कर दिया गया. इससे फुटपाथियों का मनोबल बढ़ता गया और आज शहर के मुख्य सड़कों का भी अतिक्रमण कर लिया गया है. इससे प्रतिदिन लोग घंटों जाम की समस्या से जूझ रहे हैं. पूर्व में एसडीओ द्वारा कुछ दिनों के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था. लेकिन इसका भी कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा.कहते हैं गोगरी एसडीओइस संबंध में एसडीओ संतोष कुमार ने बताया कि जल्द ही अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध अभियान चलाया जायेगा. अब शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने की दिशा में पहल होगी. निर्देश के बाद जो भी फुटपाथी दुकानदार नहीं हटेंगे, उन पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
अतक्रिमण से शहर को नहीं मिल रही मुक्ति
अतिक्रमण से शहर को नहीं मिल रही मुक्तिफोटो है 1 व 2 मेंकैप्सन- गोगरी एसडीओ व सड़क पर लगा जाम का दृश्य गोगरीशहर में दिन प्रतिदिन अवैघ रूप से अतिक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है. इसके कारण शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अतिक्रमणकारियों का हौसला इतना बुलंद है कि पदाधिकारी […]
