अस्पताल में भरती राजेश आंदोलन में कैसे हो गया शामिल रेलवे द्वारा मृत बालक के पिता पर प्राथमिकी दर्ज कराये जाने से गुस्से में ग्रामीण पूछ रहे ग्रामीण बेगूसराय में इलाजरत राजेश घटना स्थल पर हुए आंदोलन में कैसे हुए शामिल हाथ-पैर टूटने के बाद चलने-फिरने में लाचार राजेश को फंसा रहा रेल प्रशासन अपनी गलती छुपाने के लिए रेल दुर्घटना के पीडि़त पर रेलवे ने दर्ज करायी प्राथमिकी सोनपुर के डीआरएम व दो रेल अधिकारी पर मुकदमा करेगी मृत बालक की मां ग्रामीणों ने रेलवे द्वारा दर्ज एफआइआर को झूठा व मनगढ़ंत करार देते हुए उठाये सवाल मुफ्फसिल थाना में 15 नामजद 400 अज्ञात पर प्राथमिकी के बाद ग्रामीणों में आक्रोश————————रेलवे की ओर दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि राजेश भगत (मृत बालक के पिता) ने अपने साथियों की मदद से रेल ट्रैक जाम करवाया. ऐसे में सवाल उठता है कि जब दुर्घटना के बाद सुबह 9:23 बजे घायल राजेश काे सदर अस्पताल में इलाज कर बाहर रेफर कर दिया गया. लगभग 11 : 45 बजे बेगूसराय के डाॅ नालिनी रंजन के क्लीनिक में वह व उनकी बेटी रिया भरती हो गयी, तो आंदोलन में राजेश कैसे मौजूद रह सकते हैं. अपनी गलती छुपाने के लिए की गयी प्राथमिकी के खिलाफ सोनपुर मंडल के डीआरएम, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, पीडब्ल्यूआई के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जायेगा. कुमारी कोमल, दुर्घटना में घायल राजेश की पत्नी . मंगलवार को मानसी-खगड़िया के बीच ट्रेन व बाइक की टक्कर में एक बालक की मौत व तीन के घायल होने के मामले में रेलवे द्वारा घायल राजेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराये जाने से उनकी पत्नी सहित ग्रामीणों में आक्रोश है. इधर, मुफ्फसिल थाना में भी 15 नामजद व 400 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ग्रामीण गुस्से में हैं. अगर जल्द ही इस दिशा में पहल नहीं की गयी, तो ग्रामीणों का गुस्सा भड़क सकता है. प्रतिनिधि, खगड़िया. मानसी-खगड़िया रेलखंड पर ट्रेन व बाइक की टक्कर मामले में रेलवे व जिला पुलिस के कदम से संसारपुर के ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है. पीड़ित के परिजन सहित ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे ने अपनी गलती छुपाने के लिए मृत बालक के पिता के खिलाफ झूठा व मनगढ़ंत आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है. इसे बरदाश्त नहीं किया जायेगा. साथ ही मुफ्फसिल थाना में 15 नामजद व 400 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद ग्रामीण एकजुट होकर आंदोलन करने का मन बना रहे हैं. इस बाबत रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर का पक्ष जानने की कोशिश गयी लेकिन उन्हाेंने फोन नहीं उठाया. ——————-अस्पताल में भरती राजेश आंदोलन में कैसे हो गया शामिल रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अशोक कुमार ने आरपीएफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए पूरी घटना के लिए राजेश भगत को जिम्मेवार ठहराया है. रेलवे के इस कदम के खिलाफ राजेश की पत्नी कोमल ने कोर्ट की शरण में जाने का एलान किया है. कोमल ने बताया कि मेरे पति के खिलाफ रेलवे द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी झूठी व मनगढ़ंत है. कोमल ने रेलवे के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि ढाला खुला रहने के दौरान ट्रेन से बाइक की टक्कर हुई. इसमें राजेश का हाथ व पैर टूट गया. उन्हें तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल फिर वहां से रेफर करने के बाद बेगूसराय स्थित डॉ नालिनी रंजन के क्लीनिक में भरती कराया गया. जहां राजेश अब तक इलाजरत है. इसके साथ ही मासूम रिया आइसीयू में भरती है. ऐसे में रेलवे द्वारा दर्ज प्राथमिकी में लगाये गये आरोप कैसे सच हो सकता है. रेलवे कह रहा है कि घटना के बाद रेलवे ट्रैक को राजेश ने अपने दोस्तों की मदद से जाम करवाया. जब राजेश इलाज के लिए अस्पताल में भरती है, तो फिर वह आंदोलन में कैसे शामिल हो गया. जब राजेश चलने फिरने में असक्षम हैं तो वह आंदोलन कैसे कर सकते हैं. ऐसे कई सवाल उठाते हुए कोमल ने कहा कि गलत प्राथमिकी दर्ज कराने के खिलाफ सोनपुर रेल मंडल के डीआरएम एमके अग्रवाल, सीनियर सेक्शन इंजीनियर अशोक कुमार, पीडब्ल्यूआई केडी प्रसाद के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज किया जायेगा. ——————–पूरे मामले की तह तक जायेगी रेल पुलिस कटिहार प्रक्षेत्र के रेल एसपी जितेन्द्र कुमार मिश्रा ने कहा कि मानसी रेल थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार से पूरे मामले की गहन जांच कर रिपोर्ट तलब की गयी है. उन्होंने कहा कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी. घटना के वक्त रेलवे ढाला का गेट खुला था या नहीं, दुर्घटना के लिए बाइक सवार दोषी है या रेलकर्मी आदि बिंदुआें पर जांच करने को कहा गया है. जल्द ही पूरे मामले का सच सामने आ जायेगा.
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अस्पताल में भरती राजेश आंदोलन में कैसे हो गया शामिल रेलवे द्वारा मृत बालक के पिता पर प्राथमिकी दर्ज कराये जाने से गुस्से में ग्रामीण पूछ रहे ग्रामीण बेगूसराय में इलाजरत राजेश घटना स्थल पर हुए आंदोलन में कैसे हुए शामिल हाथ-पैर टूटने के बाद चलने-फिरने में लाचार राजेश को फंसा रहा रेल प्रशासन अपनी […]
