खगड़िया : रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण कर चल रहे अवैध ऑटो स्टैंड से प्रत्येक महीने होने वाली लाखों की कमाई कौन खा रहा है. रेल अधिकारियों के आंखों के सामने चल रहे इस गोरखधंधे को रोकने में रेल प्रशासन की चुप्पी से कई सवाल उठ खड़े हुए हैं.
पश्चिमी रेलवे ढाला के समीप आइओडब्लू कार्यालय के सामने धड़ल्ले से चल रहे अवैध ऑटो स्टैंड रेल अधिकारियों की उदासीनता की पोल खोलने के लिए काफी हैं.
दिखावे के लिए दुकानदाराें को हटाया मीडिया में रेलवे की जमीन पर अवैध ऑटो स्टैंड चलने का मामला तूल पकड़ने के बाद दिखावे के लिये अतिक्रमण किये हुए दुकानदारों को तो हटा दिया गया, लेकिन ऑटो स्टैंड का संचालन अब भी जारी है.
रोजाना की तरह रविवार को भी यहां से सैकड़ों ऑटो का परिचालन होता रहा. ऐसे में रेलवे सुरक्षा बल व रेल अधिकारियों की चुप्पी दाल में कुछ काला है की ओर संकेत कर रही है. प्रत्येक महीने लाखों की उगाही रेल अधिकारियों के आंखों के सामने रेलवे की जमीन पर अवैध ऑटो स्टैंड बेरोकटोक चल रहा है.
प्रतिदिन सैकड़ों ऑटो को यहां पर जगह देने के नाम पर लाखों की वसूली हो रही है. सबसे ताज्जुब की बात है कि यह सब खेल आइओडब्लू कार्यालय के सामने हो रहा है.
समीप में रेलवे सुरक्षा बल व रेल पुलिस अधिकारी का आवास भी मौजूद है. इधर, पश्चिमी रेलवे ढाला के समीप चल रहे इस अवैध कारोबार को रोकने का जिम्मा भी आइओडब्लू का ही है. इधर, भगत टोला गांव के समीप रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण कर अवैध स्टैंड से विभिन्न गांवों के लिए ऑटो खुलते हैं.
यहां से बछौता, चातर, घुरनमोड़, इचरुआ, कामाथन, अलौली आदि जगहों के लिये ऑटो का परिचालन जारी है. हालांक पूछने पर आइओडब्लू इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार करते हैं.
खगड़िया रेलवे स्टेशन के पश्चिमी रेलवे ढाला के समीप रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण हटाना आइओडब्लू का काम है. वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते. प्रवीण कुमार, स्टेशन अधीक्षक
